Kanpur: भीषण गर्मी से बीमारियों का प्रकोप बढ़ा, लू लगने से चार की मौत, 10 की किडनी फेल
वरिष्ठ गुर्दा रोग विशेषज्ञ डॉ. डीके सिन्हा का कहना है कि गर्मी के कारण लोगों को एक्यूट किडनी इंजरी हो रही है। लेकिन 95 फीसदी रोगी इलाज से ठीक हो जाते हैं, बाकी पांच प्रतिशत को बाद में डायलिसिस की जरूरत पड़ती है।
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लू जानलेवा होती जा रही है। बुधवार को कानपुर में लू लगने से चार लोगों की मौत हो गई, जबकि 10 लोगों के गुर्दे फेल हो गए। रोगी शरीर में तेज जलन होने और पेशाब रुक जाने के लक्षण लेकर अस्पताल आ रहे हैं। इन्हें एक्यूट किडनी इंजरी (एकेआई) हो गई। इसके साथ ही फ्लू के रोगियों के फेफड़े संक्रमित पाए गए।
तेज बुखार आने के बाद उनके फेफड़ों में निमोनिया हो गया। निमोनिया, डायरिया मिलाकर चार रोगियों की मौत हुई है। 11 रोगियों को गंभीर हालत में हैलट इमरजेंसी में भर्ती किया गया है। सीएमओ डॉ. नैपाल सिंह का कहना है कि लोग खानपान में एहतियात बरतें और गर्मी से बचाव करें। इससे गर्मी की मौसमी बीमारियों से बचाव होगा। वरिष्ठ गुर्दा रोग विशेषज्ञ डॉ. डीके सिन्हा का कहना है कि गर्मी के कारण लोगों को एक्यूट किडनी इंजरी हो रही है।
लेकिन 95 फीसदी रोगी इलाज से ठीक हो जाते हैं, बाकी पांच प्रतिशत को बाद में डायलिसिस की जरूरत पड़ती है। लू लगने के बाद ग्वालटोली के संजय (25) और हिमानी (49) की मौत हो गई। रोगियों को हैलट लाया गया था। इसी तरह बच्ची रितु (4) की हैलट के बालरोग अस्पताल में मौत हो गई। वह डायरिया की चपेट में थी। हैलट इमरजेंसी में रन्नो देवी (60) की निमोनिया से मौत हो गई। इसके अलावा ब्रेन अटैक के तीन रोगियों को अस्पताल में भर्ती किया गया है। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज की उप प्राचार्य डॉ. रिचा गिरि का कहना है कि गर्मी की बीमारियों के रोगी बढ़ रहे हैं।