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कानपुर: पहले 21 क्रू मेंबर्स को बचाया, फिर खुद लाइफबोट में कूदे नितिन, हॉर्मुज ड्रोन हमले की खौफनाक दास्तां

Sat, 17 Oct 2026 05:17 PM IST
Himanshu Awasthi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: Himanshu Awasthi Updated Sat, 17 Oct 2026 05:17 PM IST
सार

Kanpur News: श्याम नगर निवासी मर्चेंट नेवी के चीफ इंजीनियर नितिन शुक्ला ने हॉर्मुज क्षेत्र में तेल टैंकर पर हुए ड्रोन हमले के दौरान अदम्य साहस का परिचय दिया। पनामा के झंडे वाले तेल टैंकर एमटी जेम नंबर-दो पर नौ अक्टूबर की शाम हुए हमले के बाद मची अफरातफरी के बीच उन्होंने सूझबूझ दिखाते हुए पहले 21 क्रू मेंबर्स को लाइफबोट के जरिए सुरक्षित निकाला और फिर खुद उसमें सवार हुए।

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Kanpur Nitin first rescued 21 crew members then jumped into lifeboat himself drone attack in Strait of Hormuz
जानकारी देते नितिन - फोटो : amar ujala

विस्तार

हॉर्मुज क्षेत्र में तेल टैंकर पर ड्रोन हमला हुआ, तो जहाज पर अफरातफरी मच गई। जान बचाने के लिए मर्चेंट नेवी के चीफ इंजीनियर नितिन शुक्ला ने पहले 21 क्रू मेंबर्स को लाइफबोट के जरिए सुरक्षित निकाला। फिर खुद उसमें सवार हुए। नौ अक्टूबर की शाम हुए हमले में पनामा के झंडे वाला तेल टैंकर एमटी जेम नंबर-दो तबाह हो गया। नितिन का पासपोर्ट और दूसरे जरूरी दस्तावेज भी जल गए।

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तमाम मुश्किलों के बाद शनिवार को श्याम नगर निवासी नितिन सकुशल घर पहुंचे तो परिवार ने राहत की सांस ली। मर्चेंट नेवी में 20 साल से सेवाएं दे रहे नितिन जून में तेल लेने संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) गए थे। वह एमटी जेम नंबर-दो पर चीफ इंजीनियर के पद पर तैनात थे। हॉर्मुज क्षेत्र में तनाव के बीच जहाज पर हुए हमले ने उनके सामने जान बचाने के साथियों को सुरक्षित निकालने की बड़ी चुनौती खड़ी कर दी।

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आधी रात फोन आने पर, परिवार में मचा था हड़कंप
नितिन की पत्नी अंकिता शुक्ला को 10 अक्टूबर की रात करीब 12 बजे कंपनी के चंडीगढ़ स्थित कार्यालय से फोन आया था। उन्हें बताया गया था कि जहाज पर ड्रोन हमला हुआ है। नितिन और उनके सभी 21 साथी सुरक्षित होने की जानकारी से परिवार को राहत मिली, लेकिन पति से सीधे बात होने तक चिंता बनी रही। प्राथमिक विद्यालय में शिक्षिका अंकिता के सामने छह साल की बेटी शानवी और दो साल के बेटे वरदान को संभालने की जिम्मेदारी भी थी।

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पासपोर्ट जला, भारत वापसी के लिए जुटाने पड़े दस्तावेज
हमले में जहाज तबाह होने के साथ नितिन के जरूरी दस्तावेज भी जल गए थे। ऐसे में भारत लौटने के लिए दस्तावेजों की व्यवस्था और जरूरी औपचारिकताएं पूरी करना चुनौती बन गया। परिवार ने उनकी वापसी के लिए प्रयास किए और सांसद रमेश अवस्थी से संपर्क किया। प्रक्रिया पूरी होने के बाद शनिवार को नितिन भारत पहुंचे।

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बेटे को सकुशल देखकर भावुक हो गए पिता
भाजपा के सह कोषाध्यक्ष और उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के उपाध्यक्ष शैल शुक्ला अपने साथियों के साथ लखनऊ के अमौसी एयरपोर्ट पहुंचे और वहां से नितिन को लेकर श्याम नगर स्थित उनके घर आए। बेटे को सकुशल देखकर पिता राजेश शुक्ला भावुक हो गए। उन्होंने नवरात्र के पावन दिनों में बेटे की वापसी को माता रानी का आशीर्वाद बताया।

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