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चौबेपुर सीएचसी में निष्प्रयोज्य बता सामान किया नीलाम
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चौबेपुर (बिल्हौर)। कस्बा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उपयोगी वस्तुओं को निष्प्रयोज्य दर्शाकर समय से पहले ही उनकी अंदरखाने से नीलामी करने का मामला प्रकाश में आया है। स्वास्थ्य विभाग अफसरों द्वारा ऑडिट पूर्व दस्तावेजों के अवलोकन के दौरान मामला संज्ञान में आने पर सीएचसी प्रभारी ने उच्चाधिकारियों को यथास्थिति से अवगत करा जांच कराए जाने की बात कही है।
मालूम हो कि सीएचसी चौबेपुर में वित्तीय वर्ष 2018-19 के दौरान तत्कालीन अधीक्षक व भंडार गृह प्रभारी द्वारा उपयोगी वस्तुओं को निष्प्रयोज्य दर्शाते हुए बेहद कम मूल्य पर उनकी नीलामी कर दी गई। औने-पौने दामों में नीलाम की गई लोहे की अलमारी, एक लकड़ी की अलमारी व पार्किंग शेड में अलमारी व शेड अभी चार वर्ष पुराना ही बताया गया है। उच्चाधिकारियों से की गई शिकायत में सीएचसी प्रभारी डॉ यशोवर्धन सिंह ने बताया है कि उसी अवधि की अन्य अलमारी व टिनशेड गुणवत्ता के साथ अभी भी उपयोग में लाए जा रहे हैं।
बताया कि ऑडिट से पूर्व मामले की जानकारी पर भंडार गृह प्रभारी से नीलाम की गई वस्तुओं के बाबत जानकारी व संबंधित रजिस्टर मांगे जाने पर कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया जा रहा। सीएचसी प्रभारी ने बताया कि किसी भी वस्तु की नीलामी से पूर्व उसकी कीमत का विधिवत आकलन कराए जाने के साथ ही समाचार पत्रों में गजट कराना भी प्रक्रिया में शामिल है। इसके अलावा नीलामी के दौरान प्राप्त धनराशि स्थानीय खातों में न जमा कराकर ट्रेजरी द्वारा जमा की जानी चाहिए।
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मालूम हो कि सीएचसी चौबेपुर में वित्तीय वर्ष 2018-19 के दौरान तत्कालीन अधीक्षक व भंडार गृह प्रभारी द्वारा उपयोगी वस्तुओं को निष्प्रयोज्य दर्शाते हुए बेहद कम मूल्य पर उनकी नीलामी कर दी गई। औने-पौने दामों में नीलाम की गई लोहे की अलमारी, एक लकड़ी की अलमारी व पार्किंग शेड में अलमारी व शेड अभी चार वर्ष पुराना ही बताया गया है। उच्चाधिकारियों से की गई शिकायत में सीएचसी प्रभारी डॉ यशोवर्धन सिंह ने बताया है कि उसी अवधि की अन्य अलमारी व टिनशेड गुणवत्ता के साथ अभी भी उपयोग में लाए जा रहे हैं।
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बताया कि ऑडिट से पूर्व मामले की जानकारी पर भंडार गृह प्रभारी से नीलाम की गई वस्तुओं के बाबत जानकारी व संबंधित रजिस्टर मांगे जाने पर कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया जा रहा। सीएचसी प्रभारी ने बताया कि किसी भी वस्तु की नीलामी से पूर्व उसकी कीमत का विधिवत आकलन कराए जाने के साथ ही समाचार पत्रों में गजट कराना भी प्रक्रिया में शामिल है। इसके अलावा नीलामी के दौरान प्राप्त धनराशि स्थानीय खातों में न जमा कराकर ट्रेजरी द्वारा जमा की जानी चाहिए।
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