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कानपुर: महापौर बोलीं- चुनावी प्रक्रिया पर किसी दल को आपत्ति है तो तथ्यों के साथ संवैधानिक मंच पर रखें पक्ष
Mon, 28 Sep 2026 04:40 PM IST
Shikha Pandey
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: Shikha Pandey
Updated Mon, 28 Sep 2026 04:40 PM IST
सार
Kanpur News: एसआईआर को लेकर महापौर और जिलापंचायत अध्यक्ष ने प्रेसवार्ता कर कांग्रेस पर पलटवार किया।
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महापौर प्रमिला पांडेय
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली और स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) को लेकर कांग्रेस के सवालों पर भाजपा ने पलटवार किया है। सोमवार को पत्रकार वार्ता में महापौर प्रमिला पांडेय ने कहा कि चुनावी प्रक्रिया पर किसी दल को आपत्ति है तो वह आरोप लगाने के बजाय तथ्यों के साथ लोकतांत्रिक और न्यायिक मंच पर अपनी बात रखे। उन्होंने कहा कि राजनीतिक असहमति लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता बनाए रखना भी सभी राजनीतिक दलों की जिम्मेदारी है। कहा कि चुनाव में हार-जीत लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा है।
हार के बाद निर्वाचन आयोग और दूसरी संस्थाओं की कार्यप्रणाली पर लगातार सवाल उठाने के बजाय राजनीतिक दलों को अपने संगठन और चुनावी रणनीति की भी समीक्षा करनी चाहिए। उन्होंने 26 सितंबर को निर्वाचन आयोग की ओर से एसआईआर समेत प्रमुख निर्णय सर्वसम्मति से लिए जाने संबंधी दिए गए स्पष्टीकरण का हवाला देते हुए कहा कि किसी भी आरोप से पहले उसके समर्थन में तथ्य सामने रखे जाने चाहिए।
जिला पंचायत अध्यक्ष स्वप्निल वरुण ने कांग्रेस की ओर से कैबिनेट सचिव को भेजे गए पत्र के मुद्दे पर कहा कि आयोग की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार संबंधित मामला चुनावी नीति या आईटी प्रभाग से जुड़ा नहीं था। यह प्रतिनियुक्ति पर आए एक अधिकारी की प्रशासनिक कार्यप्रणाली से संबंधित आंतरिक विषय था। उन्होंने कहा कि इसे राजनीतिक मुद्दा बनाने के साथ आयोग की ओर से दी गई स्थिति को भी सार्वजनिक रूप से सामने रखना चाहिए।
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फॉर्म-6 पर भी रखी आयोग की व्यवस्था
स्वप्निल वरुण ने एसआईआर के दौरान फॉर्म-6 के जरिए मतदाता सूची में नाम जोड़ने को लेकर उठ रहे सवालों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि आयोग ने पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में शामिल करने की प्रक्रिया स्पष्ट की है। दूरदराज इलाकों में रहने वाले लोगों, मजदूरों और बेघर नागरिकों तक पहुंचकर उन्हें सूची में शामिल कराने की प्रक्रिया भी अपनाई जा रही है। पत्रकार वार्ता में भाजपा जिला मीडिया प्रभारी अनुराग शर्मा भी मौजूद रहे।
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हार के बाद निर्वाचन आयोग और दूसरी संस्थाओं की कार्यप्रणाली पर लगातार सवाल उठाने के बजाय राजनीतिक दलों को अपने संगठन और चुनावी रणनीति की भी समीक्षा करनी चाहिए। उन्होंने 26 सितंबर को निर्वाचन आयोग की ओर से एसआईआर समेत प्रमुख निर्णय सर्वसम्मति से लिए जाने संबंधी दिए गए स्पष्टीकरण का हवाला देते हुए कहा कि किसी भी आरोप से पहले उसके समर्थन में तथ्य सामने रखे जाने चाहिए।
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जिला पंचायत अध्यक्ष स्वप्निल वरुण ने कांग्रेस की ओर से कैबिनेट सचिव को भेजे गए पत्र के मुद्दे पर कहा कि आयोग की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार संबंधित मामला चुनावी नीति या आईटी प्रभाग से जुड़ा नहीं था। यह प्रतिनियुक्ति पर आए एक अधिकारी की प्रशासनिक कार्यप्रणाली से संबंधित आंतरिक विषय था। उन्होंने कहा कि इसे राजनीतिक मुद्दा बनाने के साथ आयोग की ओर से दी गई स्थिति को भी सार्वजनिक रूप से सामने रखना चाहिए।
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फॉर्म-6 पर भी रखी आयोग की व्यवस्था
स्वप्निल वरुण ने एसआईआर के दौरान फॉर्म-6 के जरिए मतदाता सूची में नाम जोड़ने को लेकर उठ रहे सवालों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि आयोग ने पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में शामिल करने की प्रक्रिया स्पष्ट की है। दूरदराज इलाकों में रहने वाले लोगों, मजदूरों और बेघर नागरिकों तक पहुंचकर उन्हें सूची में शामिल कराने की प्रक्रिया भी अपनाई जा रही है। पत्रकार वार्ता में भाजपा जिला मीडिया प्रभारी अनुराग शर्मा भी मौजूद रहे।