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कानपुर: शहीद के बेटे ने ट्रेन से कटकर दी जान, अर्मापुर नहर के पास दिल्ली-हावड़ा ट्रैक पर मिला शव
Tue, 16 Mar 2021 11:39 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Tue, 16 Mar 2021 11:39 PM IST
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शहीद के बेटे सदरूद्दीन की अर्मापुर में ट्रेन से कटकर मौत
- फोटो : amar ujala
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सन् 1971 में भारत-पाक युद्ध में शहीद अब्दुल गफ्फार के बेटे फील्ड गन फैक्टरी में कार्यरत सदरूद्दीन (40) ने रविवार को ट्रेन से कटकर जान दे दी। मंगलवार को अर्मापुर नहर के पास दिल्ली-हावड़ा ट्रैक पर उनका शव मिला।
पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया। मूलरूप से गाजीपुर के गहमर निवासी सदरूद्दीन पत्नी सलमा, तीनों बेटियाें सहाना, अपसाना, आयशा व दोनों बेटों मोहम्मद शमशेर व मोहम्मद सैफ अली के साथ अर्मापुर इस्टेट में रहते थे।
सन् 2009 में सेना से रिटायर होने के बाद वह 2012 से फैक्टरी में डीएससी (डिफेंस सिक्योरिटी कोर) में सुरक्षा कर्मी के पद पर तैनात थे। शमशेर ने बताया कि बीते ढाई साल से पिता का मानसिक संतुलन ठीक नहीं था। उपचार चल रहा था। 14 मार्च को वह घर से फैक्टरी के लिए निकले थे। सोमवार को जीआरपी से शव के बारे में पता चला। उनकी मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
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पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया। मूलरूप से गाजीपुर के गहमर निवासी सदरूद्दीन पत्नी सलमा, तीनों बेटियाें सहाना, अपसाना, आयशा व दोनों बेटों मोहम्मद शमशेर व मोहम्मद सैफ अली के साथ अर्मापुर इस्टेट में रहते थे।
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सन् 2009 में सेना से रिटायर होने के बाद वह 2012 से फैक्टरी में डीएससी (डिफेंस सिक्योरिटी कोर) में सुरक्षा कर्मी के पद पर तैनात थे। शमशेर ने बताया कि बीते ढाई साल से पिता का मानसिक संतुलन ठीक नहीं था। उपचार चल रहा था। 14 मार्च को वह घर से फैक्टरी के लिए निकले थे। सोमवार को जीआरपी से शव के बारे में पता चला। उनकी मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
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