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कानपुर: एक नवंबर से जीएसटी नियमों में बड़े बदलाव, पंजीयन से लेकर रिफंड तक के नियम हुए आसान, पढ़ें डिटेल

Thu, 05 Nov 2026 12:33 PM IST
Himanshu Awasthi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: Himanshu Awasthi Updated Thu, 05 Nov 2026 12:33 PM IST
सार

Kanpur News: जीएसटी काउंसिल की 57वीं बैठक में लिए गए निर्णयों और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के रोडमैप के तहत, केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड ने 26 और 28 अक्टूबर 2026 को कई महत्वपूर्ण परिपत्र तथा सरकारी विज्ञप्तियां जारी की हैं। ये सभी बदलाव एक नवंबर 2026 से प्रभावी हो गए हैं।

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Kanpur Major changes to GST rules effective November 1st  procedures from registration to refunds simplified
संतोष कुमार गुप्ता - फोटो : amar ujala

विस्तार

देशभर के कारोबारियों और व्यापारियों के लिए राहत भरी खबर है। केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड द्वारा 57वीं जीएसटी काउंसिल की बैठक के निर्णयों के अनुपालन में 26 और 28 अक्टूबर को जारी किए गए महत्वपूर्ण परिपत्र संख्या 257 से 266 और विज्ञप्तियां एक नवंबर 2026 से प्रभावी हो गई हैं। इन संशोधनों का मुख्य उद्देश्य ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा देना और करदाताओं के सामने आने वाली व्यावहारिक कठिनाइयों को दूर करना है।

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नए नियमों के तहत जीएसटी पंजीयन की प्रक्रिया को बेहद सरल कर दिया गया है। परिपत्र संख्या 257 के अनुसार अब आवेदन के समय आयकर पैन के आधार पर सही नाम, व्यवसाय की प्रकृति और अधिकृत व्यक्ति की जानकारी देनी होगी। मालिकाना हक के लिए रन्ट एग्रीमेन्ट या सहमति पत्र मान्य होंगे। सबसे बड़ी राहत यह है कि अब विभाग द्वारा उद्यम प्रमाणपत्र की मांग नहीं की जाएगी। साथ ही, बैंक खाते का विवरण आवेदन के समय देना अनिवार्य नहीं है। इसे पंजीयन के बाद भी अपडेट किया जा सकता है। सामान्य तौर पर सात कार्य दिवस के भीतर पंजीयन निस्तारित कर दिया जाएगा।

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कर आरोपण और नोटिस व्यवस्था में पारदर्शिता
परिपत्र संख्या 258 के जरिए कर अधिकारियों की मनमानी पर अंकुश लगाने की कोशिश की गई है। अब कारण बताओ नोटिस में केवल कानून की धाराएं लिखना काफी नहीं होगा, बल्कि टैक्स मांगने के ठोस साक्ष्य और आधार बताने होंगे। यदि धोखाधड़ी या जानबूझकर तथ्य छिपाने का आरोप है, तो उसे साक्ष्य सहित स्पष्ट करना होगा। विभाग को अनुमान और संदेह के आधार पर कार्रवाई करने के बजाय तर्कसंगत आदेश पारित करने होंगे।

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डेमो कारों पर आईटीसी और निर्यातकों को बड़ी राहत
ऑटोमोबाइल सेक्टर को बड़ी राहत देते हुए परिपत्र संख्या 262 के माध्यम से स्पष्ट किया गया है कि कार शोरूम के पास मौजूद डेमो कारों पर अब इनपुट टैक्स क्रेडिट अनुमन्य होगी। वहीं, निर्यात (जीरो रेटेड) के मामलों में परिपत्र संख्या 263 के तहत विदेशी मुद्रा के स्थान पर अन्य मान्य रुपये वाले खातों में भुगतान मिलने या आयात भुगतान से राशि समायोजित होने पर भी निर्यात की शर्त पूरी मानी जाएगी। इसके अलावा, बहुचर्चित नियम 96(10) को हटाए जाने का लाभ 23 अक्टूबर 2017 से दिए जाने के कारण पुराने रिफण्ड विवादों में फंसे कारोबारियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

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