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Kanpur Literature Festival: 24 से साहित्य, संगीत और कला का संगम, दिग्गजों को सुनने और जानने का मिलेगा मौका

Fri, 23 Dec 2022 04:50 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Fri, 23 Dec 2022 04:50 PM IST
सार

शहर में 24 दिसंबर से साहित्य, संगीत एवं कला का संगम शुरू होने जा रहा है। दरअसल, लाजपतनगर स्थित गौर हरि सिंहानिया इंस्टीट्यूट में दो दिवसीय कानपुर लिट्रेचर फेस्टिवल को आगाज होगा। इस समारोह में कई दिग्गज हस्तियां आएंगी, जिन्हें सुनने और उनसे संवाद करने का मौका मिलेगा।

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Kanpur Literature Festival, Confluence of literature, music and art from 24 december
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सुष्मिता मुखर्जी से फिल्मी गलियारों के किस्से सुनने हों या अमित सियाल से ओटीटी पर संवाद करना हो, विशाल भारद्वाज से फिल्मी निर्देशन की बारीकियां जाननी हों या रेखा भारद्वाज से संगीत पर चर्चा करनी हो...। कला प्रेमियों को दो दिन इन दिग्गजों को करीब से सुनने और जानने का मौका मिलेगा।

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दरअसल, कानपुर लिट्रेचर सोसाइटी की ओर से 24 और 25 को लाजपतनगर स्थित gaurट में कानपुर लिट्रेचर फेस्टिवल का आयोजन किया जा रहा है। इस फेस्टिवल में कोई भी व्यक्ति शामिल हो सकता है। प्रवेश नि:शुल्क है।  गुरुवार को इंस्टीट्यूट में सदस्यों ने प्रेसवार्ता कर कार्यक्रम के बारे में जानकारी दी।
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कार्यक्रम का उद्घाटन दोपहर 1:30 बजे गायिका बेगम अख्तर पर बनी, फिल्म ‘जिक्र उस परीवश का’ के साथ होगा। फिल्म के डायरेक्टर निर्मल चंदर दर्शकों से संवाद करेंगे। उद्घाटन के बाद सत्र ‘जरा याद उन्हें भी कर लो’ के जरिये स्वतंत्रता संग्राम के भूले-बिसरे नायक व नायिकाओं को याद किया जाएगा।

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इस सत्र में आईपीएस अधिकारी व लेखक चिरंजीवी सिन्हा, मोहित गुप्ता संवाद करेंगे। एक्टर व थिएटर आर्टिस्ट सुष्मिता मुखर्जी से संवाद हिंदी अदब में महाबली के लेखक डॉ. असगर वजाहत के साथ उनकी शिष्या अनीता मिश्रा की बातचीत होगी। 24 दिसंबर का अंतिम सत्र संगीत की सूफी यात्रा का होगा।

दूसरे दिन की शुरुआत ‘अंदाजे बयां और’ से
25 दिसंबर की शुरुआत ‘अंदाजे बयां और’ से होगी। इसमें अशोक लाल, सरबजोत बहल व कानपुर के कवि पंकज चतुर्वेदी कविताएं सुनाएंगे। ‘लता सुर गाथा’ में कवि-लेखक यतींद्र मिश्र सुर साम्राज्ञी लता मंगेशकर को याद करेंगे। ‘जल-थल-मल’ नाम के सत्र में सोपान जोशी प्रस्तुति देंगे।

‘कानपुर का भौकाल- अमित सियाल’ में बॉलीवुड अभिनेता अमित सियाल अपने जीवन के किस्से सुनाएंगे। इसके बाद बॉलीवुड के जाने-माने डायरेक्टर विशाल भारद्वाज व गायिका रेखा भारद्वाज फिल्म व संगीत पर बात करेंगे। आखिरी सत्र होगा ‘दास्तान-ए-कर्ण’, किस्सागो महमूद फारुकी महाभारत के चरित्र कर्ण की दास्तान सुनाएंगे।

फोटोग्राफी और पेटिंग की प्रदर्शनी लगाई जाएंगी। प्रेस वार्ता में निदेशक अंजलि तिवारी ने फेस्टिवल के संबंध में जानकारी दी। इस मौके पर जीएचएसआईएमआर के निदेशक राहुल गोयल, वरिष्ठ मनोचिकित्सक आलोक बाजपेई, स्क्रिप्ट राइटर व चरित्र अभिनेता अतुल तिवारी, रोहित टंडन, मिनी सहगल, भावना मिश्रा मौजूद रहीं।

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