Kanpur: बसपा के कोर वोट बैंक जाटव बिरादरी पर भाजपा की नजर, एमएलसी प्रत्याशियों की जारी सूची में भी इन्हें मिली तरजीह
पार्टी की जीत की सबसे बड़ी वजह गैर जाटव मतदाताओं का भाजपा के पक्ष में मतदान करना बताया जा रहा है। अब जाटव बिरादरी को भी खींचने की तैयारी है। कन्नौज से बनवारी लाल दोहरे को पार्टी ने एमएलसी प्रत्याशी बनाया है।
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भारतीय जनता पार्टी ने 2024 के लोकसभा चुनाव को लेकर अपनी रणनीति में बड़ा बदलाव किया है। पार्टी ने बसपा के कोर वोट बैंक जाटव बिरादरी पर फोकस करना शुरू कर दिया है। बुधवार को पार्टी की तरफ से जारी एमएलसी प्रत्याशियों की पहली सूची में भी जाटव बिरादरी को महत्व दिया गया है।
पार्टी की जीत की सबसे बड़ी वजह गैर जाटव मतदाताओं का भाजपा के पक्ष में मतदान करना बताया जा रहा है। अब जाटव बिरादरी को भी खींचने की तैयारी है। कन्नौज से बनवारी लाल दोहरे को पार्टी ने एमएलसी प्रत्याशी बनाया है। ये वही बनवारी लाल हैं, जो अभी तक कन्नौज विधानसभा सीट से भाजपा के टिकट पर प्रत्याशी बनते आ रहे थे। इस बार के विधानसभा चुनाव में उनकी जगह पूर्व पुलिस कमिश्नर असीम अरुण को प्रत्याशी बनाया गया। वह भी जाटव बिरादरी से आते हैं।
एक ही विधानसभा क्षेत्र में जाटव बिरादरी के दो-दो लोगों को महत्वपूर्ण स्थान दिया जाना भी जाटवों को अपने पक्ष में करने का बड़ा संदेश है। इस बार के विधानसभा चुनाव की बात करें तो पूरे प्रदेश में जाटव बिरादरी के 19 विधायक भाजपा के टिकट से जीतकर आए हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि प्रदेश में जाटव बिरादरी के कुल 29 विधायक चुने गए हैं। इनमें बसपा से कोई नहीं है, 10 सपा के टिकट से जीते हैं।
कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र में हो जाएंगे पांच जाटव विधायक
कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र की 52 विधानसभा सीटों में नौ सुरक्षित सीटें हैं। चार पर जाटव बिरादरी से विधायक बने हैं। कन्नौज से एमएलसी प्रत्याशी बनवारी लाल को भी जोड़ लिया जाए तो इस क्षेत्र में कुल पांच विधायक जाटव समाज से हो जाएंगे।
वोटर संख्या कम होने के बावजूद जाटव बिरादरी राजनीति में गैर जाटवों पर हावी है। कन्नौज के दो विधायकों के अलावा कानपुर नगर के घाटमपुर सीट से भाजपा समर्थित अपनादल के टिकट से सरोज कुरील, रसूलाबाद से पूनम संखवार, फ र्रुखाबाद के कायमगंज से सुरभि गंगवार का नाम शामिल है।