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Kanpur: जूनियर के अधीनस्थ काम करने से इन्कार कर इंस्पेक्टर ने दिया इस्तीफा, पढ़ें पूरा मामला
Fri, 12 Jun 2026 12:10 AM IST
Shikha Pandey
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: Shikha Pandey
Updated Fri, 12 Jun 2026 12:10 AM IST
सार
Kanpur News: इंस्पेक्टर के इस्तीफा देने का मामला सामने आया है। क्राइम ब्रांच में तैनात इंस्पेक्टर ने साइबर थाना भेजे जाने पर आपत्ति जताई है।
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यूपी पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
पुलिस महकमे में जूनियर और सीनियर का घमासान शुरू हो गया है। जूनियर के अधीनस्थ काम करने से इन्कार करते हुए एक इंसपेक्टर ने इस्तीफा दे दिया है। इंस्पेक्टर ने डीसीपी के पेशकार को प्रार्थना पत्र देकर काम न करने की अनुमति मांगी है। हालांकि इंस्पेक्टर के फैसले पर अभी कोई निर्णय नहीं लिया गया है लेकिन इससे अधिकारियों में उथल-पुथल मची हुई है।
बता दें कि करीब दो साल पहले गांजा तस्कर को पकड़े जाने के मामले से चर्चा में आए काकादेव थाने के तत्कालीन प्रभारी विनय शर्मा को कुछ समय पूर्व ही क्राइम ब्रांच भेजा गया है। हाल ही में उन्हें साइबर थाने से अटैच किया गया है। इसी पर विनय ने एतराज जताया है। उनका कहना है उन्हें 2023 के बाद लगातार बेवजह इधर-उधर स्थानांतरित किया जा रहा है।
इसी कड़ी में अब उन्हें साइबर थाने भेजा जा रहा है। साइबर थाना प्रभारी 2013 बैच के हैं जबकि वह 2005 बैच के हैं। इस तरह वह प्रभारी से सीनियर हैं तो उनके अधीनस्थ कैसे काम कर सकते हैं। लिहाजा महकमे में काम ही न करने की अनुमति मांगी है। गुरुवार को मामले ने जब सोशल मीडिया पर तूल पकड़ा तो डीसीपी के निर्देश पर तत्काल ही एक आईपीएस ने विनय को तलब कर उनकी समस्या सुनीं।
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बता दें कि करीब दो साल पहले गांजा तस्कर को पकड़े जाने के मामले से चर्चा में आए काकादेव थाने के तत्कालीन प्रभारी विनय शर्मा को कुछ समय पूर्व ही क्राइम ब्रांच भेजा गया है। हाल ही में उन्हें साइबर थाने से अटैच किया गया है। इसी पर विनय ने एतराज जताया है। उनका कहना है उन्हें 2023 के बाद लगातार बेवजह इधर-उधर स्थानांतरित किया जा रहा है।
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इसी कड़ी में अब उन्हें साइबर थाने भेजा जा रहा है। साइबर थाना प्रभारी 2013 बैच के हैं जबकि वह 2005 बैच के हैं। इस तरह वह प्रभारी से सीनियर हैं तो उनके अधीनस्थ कैसे काम कर सकते हैं। लिहाजा महकमे में काम ही न करने की अनुमति मांगी है। गुरुवार को मामले ने जब सोशल मीडिया पर तूल पकड़ा तो डीसीपी के निर्देश पर तत्काल ही एक आईपीएस ने विनय को तलब कर उनकी समस्या सुनीं।
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विनय के मुताबिक आईपीएस से भी उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। दूसरी ओर, इस तरह से प्रार्थना पत्र दिए जाने को पुलिस अधिकारी अनुशासनहीनता मान रहे हैं। इसके चलते देर शाम को विनय के निलंबन की भी काफी चर्चा रही। हालांकि इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है लेकिन मामला महकमे में पूरे दिन चर्चा का केंद्र रहा।
विनय संग एक और इंस्पेक्टर ने मांगा तबादला
पुलिस सूत्रों की मानें तो विनय शर्मा के साथ ही क्राइम ब्रांच के एक और इंस्पेक्टर ने साइबर थाने में काम करने से मना कर दिया है। उनका भी कहना है कि जूनियर संग काम करना संभव नहीं होगा। फिलहाल उक्त इंस्पेक्टर के नाम की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की जा रही है।
पुलिस सूत्रों की मानें तो विनय शर्मा के साथ ही क्राइम ब्रांच के एक और इंस्पेक्टर ने साइबर थाने में काम करने से मना कर दिया है। उनका भी कहना है कि जूनियर संग काम करना संभव नहीं होगा। फिलहाल उक्त इंस्पेक्टर के नाम की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की जा रही है।
कई थानों में भी सुलग रही असंतोष की चिंगारी
क्राइम ब्रांच और साइबर थाने की तरह शहर के कई थानों में भी जूनियर-सीनियर के घमासान की चिंगारी सुलग रही है। बताया जाता है कि कुछ थानों में जूनियर प्रभारी की जिम्मेदार निभा रहे हैं जबकि उनके सीनियर अधीनस्थ हैं। इससे भी काम के दौरान तालमेल की कमी देखी जा रही है।
क्राइम ब्रांच और साइबर थाने की तरह शहर के कई थानों में भी जूनियर-सीनियर के घमासान की चिंगारी सुलग रही है। बताया जाता है कि कुछ थानों में जूनियर प्रभारी की जिम्मेदार निभा रहे हैं जबकि उनके सीनियर अधीनस्थ हैं। इससे भी काम के दौरान तालमेल की कमी देखी जा रही है।
इंस्पेक्टर का इस्तीफा मिला है। उस पर उन्हें अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया गया है। मामले में विचार कर आगे कोई निर्णय लिया जाएगा। - संकल्प शर्मा, अपर आयुक्त, मुख्यालय, क्राइम