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UP: बांग्लादेश से लाईं जा रहीं युवतियों का ट्रेनिंग सेंटर बना कानपुर, जेल में बंद नाजमा से पूछताछ में खुलासा

Thu, 25 Jul 2024 10:22 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Thu, 25 Jul 2024 10:22 AM IST
सार

Kanpur News: सूत्रों के अनुसार जांच में पता चला है कि दिल्ली की एजेंसियां ही इन युवतियों की फेंक आईडी बनवा रही है। साथ ही मोटा कमीशन लेकर घरों में कामकाज के लिए इन्हें भेजा जाता है। पकड़ी गई बांग्लादेशी युवती अखीमुंशी उर्फ मधू सिंह के पास भी आधार कार्ड और पैन कार्ड बरामद हुआ है।

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Kanpur has become a training centre for girls brought from Bangladesh, revealed during interrogation of Nazma
कल्याणपुर थाने में पकड़ी गई बांग्लादेशी अखीमुंशी - फोटो : amar ujala

विस्तार

कानपुर में कल्याणपुर से पकड़ी गई बांग्लादेशी युवती नाजमा से पूछताछ में बांग्लादेश से दिल्ली और देश के अन्य शहरों के बीच चल रहे मानव तस्करी के काले कारोबार और कानपुर को बतौर ट्रेनिंग सेंटर इस्तेमाल करने की बात सामने आई है। पता चला है कि हर साल सैकड़ों लड़कियां बांग्लादेश से घरेलू काम के नाम पर भारत पहुंचाई जा रही हैं।

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दिल्ली, मुंबई जैसे बड़े शहरों में एंट्री ह्यूमन ट्रैफिकिंग सेल की सख्ती के चलते लड़कियों को कानपुर लाकर कुछ समय के लिए रखा जाता है। यहां घरेलू कामकाज की ट्रेनिंग लेती हैं। इस बीच वह अपनी नई पहचान और दस्तावेज बनने व नौकरी मिलने का इंतजार करती हैं। इसके बाद ज्योति निषाद जैसी युवतियों को उन्हें एजेंसियों तक पहुंचाने का जिम्मा सौंपा जाता है।
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दरअसल, नाजमा ने पूछताछ के दौरान अधिकारियों को बताया कि पकड़ी गई दिल्ली निवासी ज्योति निषाद एक ऐसी ही एजेंसी के साथ जुड़ी हुई है। पकड़े जाने वाले दिन वह दिल्ली ले जाने के लिए ही कानपुर आई थी, जहां उसे नए नाम व नई पहचान से जुड़े दस्तावेज के साथ काम दिलाया जाना था। हालांकि उससे पहले ही पुलिस ने उसे पकड़ लिया।

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नई पहचान के साथ अलग-अलग शहरों में रह रही हैं युवतियां
सूत्रों की मानें, तो पूछताछ में ऐसी कई युवतियों का पता चला है कि जो इसी तरीके से भारत में दाखिल हुई और अब नई पहचान के साथ देश के अलग-अलग शहरों में रह रही हैं। अधिकारियों का मानना है कि दूसरे देश से आने वाली महिलाओं का इस्तेमाल हनी ट्रैप से लेकर किसी भी तरह की गतिविधि के लिए हो सकता है। साथ ही ऐसे रास्ते का दुरुपयोग देश विरोधी गतिविधि के लिए होने का खतरा है, इसलिए राष्ट्रीय सुरक्षा व खुफिया एजेंसियां भी सक्रिय हो गई हैं। वहीं, देह व्यापार के एंगल से भी जांच की जा रही है।

एजेंसियां बनवा रही फर्जी आधार
सूत्रों के अनुसार जांच में पता चला है कि दिल्ली की एजेंसियां ही इन युवतियों की फेंक आईडी बनवा रही है। साथ ही मोटा कमीशन लेकर घरों में कामकाज के लिए इन्हें भेजा जाता है। पकड़ी गई बांग्लादेशी युवती अखीमुंशी उर्फ मधू सिंह के पास भी आधार कार्ड और पैन कार्ड बरामद हुआ है। पुलिस ने पैन और आधार बनने की जांच कर रही है।

अखीमुंशी और नाजमा से पूछताछ की गई है। कुछ जानकारियां मिली हैं जिन्हें तस्दीक करने के लिए पुलिस की टीम कोलकाता, दिल्ली जाएगी। अखीमुंशी से भी पूछताछ की जा रही है।  -विजय ढुल, डीसीपी पश्चिम

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