Kanpur: इतिहास का गवाह गांधी भवन…अनदेखी से हो रहा खंडहर, दीवारें हो चुकी हैं जर्जर…छत टपक रही है, पढ़ें डिटेल
Kanpur News: नरवल में स्थित गांधी भवन (गांधी घर) अब बदहाली का शिकार है, जिसकी दीवारें जर्जर हो चुकी हैं और छत टपक रही है। यह वही ऐतिहासिक जगह है, जहां महात्मा गांधी ने समय बिताया था और जिसे आज प्रशासन की अनदेखी ने खंडहर में बदल दिया है।
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कानपुर में नरवल की मिट्टी में आज़ादी के आंदोलन की कई यादें दबी हैं। यहीं पर एक समय महात्मा गांधी, कस्तूरबा गांधी और गणेश शंकर विद्यार्थी जैसे महान नेता साथ रहे थे। आज वही ऐतिहासिक इमारत, जिसे गांधी भवन या गांधी घर के नाम से जाना जाता है। प्रशासन की अनदेखी का शिकार होकर खंडहर में तब्दील हो रही है।
बदहाली पर आंसू बहा रहा है गांधी भवन
इस भवन में आज भी वह हथकरघा मौजूद है, जिसे गांधीजी ने खुद चलाया था। लेकिन अब यह पूरी तरह से खामोश है। एक समय जहां आत्मनिर्भरता और सादगी का संदेश दिया गया था। आज उसी जगह की दीवारें जर्जर हो चुकी हैं और छतें टपक रही हैं। गांधी भवन, जो कभी एक उद्योग भंडार के रूप में जाना जाता था, अब अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है।
कस्तूरबा गांधी ने अपने हाथों से रोटियां बनाई थीं
नरवल के लोग आज भी उस दौर को याद करते हैं, जब गांधीजी ने इस जगह पर समय बिताया था और कस्तूरबा गांधी ने अपने हाथों से रोटियां बनाई थीं। लेकिन उन्हें डर है कि अगर जल्द ही प्रशासन ने ध्यान नहीं दिया, तो यह गौरवशाली इतिहास सिर्फ कहानियों में ही सिमट कर रह जाएगा। नरवल के बुजुर्गों के मन में कई सवाल हैं, लेकिन उनका जवाब देने वाला कोई नहीं है।