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कानपुर: अबीर-गुलाल उड़ाकर गजानन को नम आंखों से दी विदाई, गगनीखेड़ा झील में 80 गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन

Sat, 19 Sep 2026 10:57 AM IST
Himanshu Awasthi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: Himanshu Awasthi Updated Sat, 19 Sep 2026 10:57 AM IST
सार

Kanpur News: शुक्लागंज के गगनीखेड़ा झील में शुक्रवार को कड़े सुरक्षा पहरे के बीच 80 गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन संपन्न हुआ। श्रद्धालुओं ने गाजे-बाजे और अबीर-गुलाल के साथ गणपति बप्पा मोरया के जयकारे लगाते हुए गजानन को नम आंखों से विदाई दी।

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Kanpur Gajanan farewell with teary eyes amidst cloud of Abir Gulal 80 Ganesh idols immersed in Gagnikheda Lake
गगनीखेड़ा झील में गणेश प्रतिमा विसर्जित करते श्रद्धालु - फोटो : amar ujala

विस्तार

शुक्लागंज में गणेश महोत्सव पर पंडालों व घरों में स्थापित गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन शुरू हो गया है। शुक्रवार को पांचवें दिन गगनीखेड़ा झील में छोटी-बड़ी मिलाकर 80 प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया। श्रद्धालु गाजे-बाजे के साथ अबीर-गुलाल उड़ाते हुए गगनीखेड़ा झील पहुंचे। गणपति बप्पा मोरिया के जयकारे के बीच नम आंखों से गजानन को विदाई दी। सभी प्रतिमाओं का नाव से विसर्जन किया गया।

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इस दौरान सुरक्षा को लेकर कोतवाली की पुलिस फोर्स के साथ पीएसी तैनात रही। गगनीखेड़ा झील पर सुबह 10 बजे से ही श्रद्धालु गणेश प्रतिमा विसर्जन के लिए पहुंचने लगे। आदर्श नगर रामगली, कंचन नगर, सर्वाेदय नगर, पोनीरोड, राजधानी मार्ग, भातू फार्म के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों के शंकरपुर, देवारा, भिटवा, मगरवारा, सहजनी समेत अन्य क्षेत्रों से लोग ट्रैक्टर, लोडर, पिकअप समेत अन्य वाहनों से विसर्जन यात्रा में अबीर-गुलाल उड़ाते हुए पहुंचे।

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तीन नाव, तीन नाविक, 10 गोताखोर लगे रहे
श्रद्धालु गणपति बप्पा मोरिया...जयकारे लगाते हुए डीजे की धुन पर थिरकते हुए चल रहे थे। यह सिलसिला शाम तक चलता रहै। गंगाघाट कोतवाली प्रभारी निरीक्षक अजय कुमार सिंह ने बताया कि इस दौरान लोगों को झील गहरी होने और उसमें स्नान न करने को लेकर माइक से सतर्क किया गया। किसी भी स्थिति से निपटने के लिए मोटर बोट मौजूद रही। एक बार में दो मूर्तियों का ही विसर्जन करने की अनुमति रही। इसके लिए तीन नाव, तीन नाविक, 10 गोताखोर लगे रहे। विसर्जन स्थल के आसपास लगी दुकानों को हटा दिया गया था।

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