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Kanpur: बिना विद्यालय के ही छात्रवृत्ति हड़पने वाला फर्जी प्रबंधक गिरफ्तार, पढ़ें पूरा मामला
Wed, 22 Jul 2026 12:13 AM IST
Shikha Pandey
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: Shikha Pandey
Updated Wed, 22 Jul 2026 12:13 AM IST
सार
इटावा में वर्ष 2008-09 में 65 विद्यालयों के खिलाफ 14 करोड़ से अधिक के घोटाले की रिपोर्ट दर्ज हुईं थीं। एक मामले की विवेचना के दौरान एक करोड़ में बंदरबांट करने वाला फर्जी विद्यालय प्रबंधक धरा गया।
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आरोपी फर्जी स्कूल प्रबंधक
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
करीब 16 वर्ष पूर्व इटावा में हुए एक करोड़ के छात्रवृत्ति घोटाले के आरोपी फर्जी स्कूल प्रबंधक को मंगलवार को ईओडब्ल्यू की टीम ने गिरफ्तार किया है। आरोपी प्रबंधक ने बिना विद्यालय के ही छात्रवृत्ति का मांग पत्र भेजा था जिस पर विभागीय अधिकारियों ने भी मुहर लगा दी थी। ईओडब्ल्यू के एएसपी पवित्र मोहन त्रिपाठी ने बताया कि पकड़ा गया फर्जी प्रबंधक ने करीब एक करोड़ का छात्रवृत्ति घोटाला किया है। इस पर ऐसे तीन और मुकदमे हैं जिसकी जांच विभाग कर रहा है।
बता दें कि वर्ष 2008-09 में इटावा में 65 विद्यालयों के खिलाफ 14 करोड़ से अधिक की छात्रवृत्ति घोटाले की चार एफआईआर अलग-अलग थानों में दर्ज की गई थीं। इसके बाद सभी विद्यालयों के प्रबंधक, प्रधानाचार्य व उनके सहायकों के अलावा समाज कल्याण अधिकारी, समाज कल्याण पिछड़ा वर्ग और बेसिक शिक्षा अधिकारी भी नामजद किए गए थे। उस वक्त मामला जिले में सुर्खियों में रहा था। एएसपी ने बताया कि चारों मामले 2019 में ईओडब्ल्यू को सौंपे गए थे।
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बता दें कि वर्ष 2008-09 में इटावा में 65 विद्यालयों के खिलाफ 14 करोड़ से अधिक की छात्रवृत्ति घोटाले की चार एफआईआर अलग-अलग थानों में दर्ज की गई थीं। इसके बाद सभी विद्यालयों के प्रबंधक, प्रधानाचार्य व उनके सहायकों के अलावा समाज कल्याण अधिकारी, समाज कल्याण पिछड़ा वर्ग और बेसिक शिक्षा अधिकारी भी नामजद किए गए थे। उस वक्त मामला जिले में सुर्खियों में रहा था। एएसपी ने बताया कि चारों मामले 2019 में ईओडब्ल्यू को सौंपे गए थे।
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इसके एक मामले की जांच के दौरान मंगलवार को लाल सिंह निवासी ज्ञानदीप कैंपस देसर मऊ रोड इटावा की गिरफ्तारी की गई है। लालसिंह पर आरोप है कि उसने इटावा के मनिकपुर मोड़ पर कागजों में संत बीडीएस पब्लिक स्कूल दिखाकर उसमें 60-65 छात्रों की छात्रवृत्ति के लिए मांग पत्र भरा था जिसे स्वीकृत भी कर दिया गया था।
उक्त मामले में 27 विद्यालयों के 11 और आरोपी भी शामिल हैं जिन्होंने मिलकर करीब एक करोड़ का घोटाला किया था। ईओडब्ल्यू की विवेचना के दौरान पांच और आरोपियों के नाम भी बढ़ाए गए हैं। फर्जी प्रबंधक ने एक करोड़ में से कितनी धनराशि हड़पी है अभी यह स्पष्ट नहीं हो सका है।