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लॉकडाउन: कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर सड़ रहा खाना, श्रमिक जा रहे भूखे पेट, फेंके गए 1000 पैकेट
Sat, 30 May 2020 10:11 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Sat, 30 May 2020 10:11 PM IST
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सेंट्रल पर खाना फेंकने जाते कर्मचारी
- फोटो : amar ujala
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एक तरफ श्रमिक स्पेशल ट्रेनों से आने वाले प्रवासियों को भोजन नहीं मिल पा रहा, दूसरी ओर शनिवार को कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर रखे करीब 1000 लंच पैकेट खराब हो गए। इन पैकेटों को लेकर जा रहे दो कर्मचारियों ने बताया कि यह खाना सड़ गया है, जानवरों को देने जा रहे हैं।
हालांकि स्टेशन के निदेशक हिमांशु शेखर उपाध्याय ने बताया कि यह खाना कुछ सामाजिक संस्थाएं देकर गई थीं। वही पैकेट सड़ गए हैं। रेलवे केवल अपने किचन में ही बना खाना श्रमिकों को बांटता है।
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हालांकि स्टेशन के निदेशक हिमांशु शेखर उपाध्याय ने बताया कि यह खाना कुछ सामाजिक संस्थाएं देकर गई थीं। वही पैकेट सड़ गए हैं। रेलवे केवल अपने किचन में ही बना खाना श्रमिकों को बांटता है।
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क्या बोले यात्री
उरई निवासी अर्जुन ने बताया श्रमिक ट्रेन से कानपुर आया हूं। स्टेशन पर खाना नहीं मिला। बाहर निकलकर आया, तो कुछ सामाजिक संस्थाएं खाना बांट रही थीं। उनसे ही लेकर खाना खाया।
उरई निवासी उस्मान बोले गुजरात के वापी स्टेशन से आया हूं। कुछ लोगों को प्लेटफार्म पर खाना मिला था लेकिन पैकेट खत्म होेने से मेरी तरह कई लोग वंचित रह गए।
महाराजगंज निवासी उपेंद्र प्रजापति कोलकाता मैं एक कंपनी में कंप्यूटर ऑपरेटर था। स्टेशन के बाहर कुछ लोगों ने पूड़ी सब्जी दी है, वही खा रहा हूं।
देहरादून निवासी प्रेम सिंह सुबह 11 बजे श्रमिक स्पेशल ट्रेन से उतरा था। लंच पैकेट बांटे गए लेकिन बहुत जल्द खत्म हो गए। स्टेशन के बाहर कार से कुछ लोग भोजन बांट रहे थे, उनसे लेकर खाया है।
उरई निवासी अर्जुन ने बताया श्रमिक ट्रेन से कानपुर आया हूं। स्टेशन पर खाना नहीं मिला। बाहर निकलकर आया, तो कुछ सामाजिक संस्थाएं खाना बांट रही थीं। उनसे ही लेकर खाना खाया।
उरई निवासी उस्मान बोले गुजरात के वापी स्टेशन से आया हूं। कुछ लोगों को प्लेटफार्म पर खाना मिला था लेकिन पैकेट खत्म होेने से मेरी तरह कई लोग वंचित रह गए।
महाराजगंज निवासी उपेंद्र प्रजापति कोलकाता मैं एक कंपनी में कंप्यूटर ऑपरेटर था। स्टेशन के बाहर कुछ लोगों ने पूड़ी सब्जी दी है, वही खा रहा हूं।
देहरादून निवासी प्रेम सिंह सुबह 11 बजे श्रमिक स्पेशल ट्रेन से उतरा था। लंच पैकेट बांटे गए लेकिन बहुत जल्द खत्म हो गए। स्टेशन के बाहर कार से कुछ लोग भोजन बांट रहे थे, उनसे लेकर खाया है।