दुश्वारियां: कीड़ों के साथ मच्छरों का प्रकोप, बाढ़ के बीच बढ़े बुखार के मरीज, इन गांवों में कमर तक भरा पानी
Kanpur News: कानपुर में ख्योरा कटरी, बिठूर कटरी और शहरी क्षेत्रों के 22 से अधिक गांवों में बाढ़ का कहर जारी है। हालांकि कुछ गांवों में पानी थोड़ा घटा है, लेकिन बाढ़ पीड़ितों को अभी भी बुखार और अन्य बीमारियों से जूझना पड़ रहा है।
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कानपुर में बाढ़ से जूझ रहे ख्योरा कटरी, बिठूर कटरी व शहरी क्षेत्र के 22 से अधिक गांवों के लोगों को बृहस्पतिवार को भी राहत नहीं मिली। हालांकि बाढ़ जूझ रहे भोपालपुरवा और भगवानदीनपुरवा के अलावा अन्य गांवों से करीब दो इंच पानी घटा है, लेकिन मुसीबतें बरकरार हैं। बाढ़ के साथ मच्छरों और जल कीटों के काटने से ग्रामीण बुखार और अन्य बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं।
इसके चलते स्वास्थ्य शिविरों में भीड़ उमड़ रही है। अधिकतर ग्रामीण बुखार से पीड़ित हैं। बृहस्पतिवार को सीएमओ हरिदत्त नेमी ने इन शिविरों में पहुंचकर कई ग्रामीणों को दवाइयां दीं। प्रशासन और समाजसेवियों ने गंगा बैराज पर आसरा लिए करीब पांच हजार लोगों को भोजन बांटा। प्रशासन ने बाढ़ पीड़ितों के शरणस्थल पर करीब छह किलोमीटर तक प्रकाश की व्यवस्था कराई है।
जन प्रतिनिधियों ने राहत सामग्री वितरित की
भाजपा विधायक अभिजीत सिंह सांगा ने भोजन तो सपा के पूर्व विधायक मुनींद्र शुक्ला ने राहत सामग्री वितरित की। हरिद्वार और गर्रा नदी से कम पानी आने के कारण बृहस्पतिवार देर शाम गंगा का जलस्तर दो सेंटीमीटर कम हुआ। शाम को गंगा बैराज की अपस्ट्रीम में जलस्तर 114.98 मीटर पर पहुंच गया। बैराज के आगे डाउन स्ट्रीम में यह 114.48 मीटर रहा।
जलस्तर एक सेंटीमीटर घटकर 113.22 मीटर रहा
नरौरा से शाम को 86,603 क्यूसेक और हरिद्वार से 60,495 क्यूसेक पानी आया। शाम को बैराज से 4,48,609 क्यूसेक पानी निकाला गया। इसके चलते शुक्लागंज में गंगा का जलस्तर एक सेंटीमीटर घटकर 113.22 मीटर पर रहा। यहां चेतावनी बिंदु 113 मीटर पर है।
इन गांवों में कमर तक भरा पानी
ख्योरा कटरी के दुर्गापुरवा, गिल्लीपुरवा, बनियापुरवा, भोपालपुरवा, भगवानदीनपुरवा, मक्कापुरवा, लक्ष्मनपुरवा और बिठूर कटरी के परपिया, तिसजा, चिरान, ईश्वरीगंज, नया डल्लापुरवा, पुराना डल्लापुरवा, हृदयपुर, प्रतापपुर हरी में कई जगह कमर तक पानी भरा हुआ है। शहरी क्षेत्र के बड़ा रामपुर, कांशीराम नगर, चैनपुरवा, धारमखेड़ा, दिवनीपुरवा, मनीपुरवा, सरजूपुरवा, तिवारी घाट और मंत्रीपुरवा में भी जलभराव बना हुआ है।
समाजसेवी भी आए आगे
पूर्व प्रधान अशोक निषाद, मल्हू निषाद, श्रीकांत त्रिपाठी, धर्मेंद्र पाल फौजी, पुष्कर शुक्ला, श्रवण कुमार निषाद, वकील शेषनारायन निषाद, आजाद सिपाही, देशराज निषाद, अनुराग पाल, शिवशंकर निषाद, परिवर्तन संस्था, बबलू निषाद, दिलीप निषाद बाढ़ पीड़ितों को लगातार भोजन बंटवा रहे हैं।
मोबाइल शौचालय बढ़ाने की मांग
हाईवे पर करीब सात हजार लोग शरण लिए हुए हैं। इनके लिए यश कोठारी चौराहे से एनआरई सिटी तक केवल 10 मोबाइल शौचालय हैं। बाढ़ पीड़ितों ने इनकी संख्या बढ़ाने की मांग की।