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कानपुर अग्निकांड: मड़ौली पहुंचे एसआईटी प्रमुख, बेटा बोला- अफसर चाहते तो बच जाती जान, इन बिंदुओं पर हो रही जांच

Sun, 19 Feb 2023 11:20 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Sun, 19 Feb 2023 11:20 PM IST
सार

मड़ौली पहुंचे एसआईटी प्रमुख एसपी हरदोई से बेटे शिवम ने पूरी घटना बताई। उसने कहा कि अफसर व कर्मचारी चाहते, तो मां-बहन की जान बच जाती। वहीं, टीम के सदस्यों ने घटनास्थल से साक्ष्यों को एकत्रित किया है।

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Kanpur fire incident,  SIT chief reached Madauli, son said  If the officer wanted, life would have been saved
गांव पहुंचे एसआईटी के एसपी व टीम - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कानपुर देहात में मड़ौली के चालहा गांव में मां-बेटी की जलकर हुई मौत के मामले की विवेचना के लिए एसआईटी बनी है। रविवार को पहली बार एसआईटी के प्रमुख एसपी हरदोई राजेश द्विवेदी मौके पर पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का जायजा लिया।

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मड़ौली पहुंचकर मृतका प्रमिला के पति और बेटों से पूछताछ की। बेटे शिवम ने बताया कि पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी चाहते, तो मां व बहन की जान बच सकती थी। पुलिसकर्मी मां व बहन को बचाने के बजाय भीड़ को भगा रहे थे। इससे कोई आग तक नहीं पहुंच पाया।
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चाहला गांव में सरकारी जमीन से कब्जा हटाने के दौरान 13 फरवरी को झोपड़ी में लगी आग से कृष्ण गोपाल दीक्षित की पत्नी प्रमिला और बेटी नेहा की जलकर मौत हो गई थी। घटना की जांच के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर मंडलायुक्त कानपुर डॉ. राजशेखर और एडीजी आलोक सिंह की दो सदस्यीय एसआईटी गठित की गई है।

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यह एसआईटी पुलिस व प्रशासनिक अफसरों पर लगे आरोपों व लापरवाही की जांच कर रही है। वहीं, डीजीपी ने मां-बेटी की मौत के मामले की विवेचना के लिए एसपी हरदोई राजेश द्विवेदी की अगुवाई में पांच सदस्यीय एसआईटी गठित की है। रविवार की दोपहर करीब 12:30 बजे एसआईटी प्रमुख एसपी राजेश द्विवेदी चाहला गांव पहुंचे।

टीम के सदस्यों से अब तक की विवेचना व जुटाए गए साक्ष्यों और सबूतों के बारे में जानकारी ली। इसके बाद मड़ौली गांव पहुंचे और मृतका के पति कृष्ण गोपाल, उनके बेटों शिवम, अंश व भतीजे सौरभ से बात की। शिवम ने बताया कि टीम के अलावा मौके पर कई लोग मौजूद थे, लेकिन बुलडोजर देखने के बाद कोई भी सामने नहीं आया।

हैंडपंप टूटते ही साफ हो गया था कि अब झोपड़ी नहीं बचेगी। इस दौरान वे लोग जान बचाकर भागने लगे। आग लगने के वक्त केवल पुलिस प्रशासन के लोग थे। करीब दो घंटे तक एसपी टीम के सदस्यों के साथ मौके पर मौजूद रहे। एसपी के जाने के बाद टीम के सदस्य देर शाम तक घटनास्थल में साक्ष्य व सबूत जुटाते रहे। 

ड्रोन से बनाया वीडियो व फोटो
एसआईटी ने ड्रोन कैमरे से घटनास्थल के फोटो और वीडियो बनाए। एसआईटी प्रमुख एसपी हरदोई ने स्टेट टेक्निकल टीम से सेटेलाइट फोटो व वीडियो मांगे हैं। अगर सेटेलाइट फोटो व वीडियो मिल जाते हैं, तो विवेचना में आसानी होगी।

ग्रामीणों व परिजनों से ली जानकारी
एसआईटी ने रविवार को 15 ग्रामीणों के बयान दर्ज किए। टीम ने पीड़ित परिवार से जमीन के बारे में जानकारी लेने के साथ ही घटना के दौरान के हालात को लेकर सवाल जवाब किए। राख से छांटकर मिट्टी निकाली गई। इसे जांच के लिए फोरेंसिक लैब भेजा गया।

एक और वीडियो वायरल, आ रही बचाओ-बचाओ की आवाज
मड़ौली कांड से जुड़ा एक और वीडियो रविवार को वायरल हो रहा है। इसमें बचाओ-बचाओ की आवाज सुनाई दे रही है। यह वीडियो भी एसआईटी ने विवेचना में शामिल कर लिया है। वीडियो में दिखाई पड़ रहा है कि झोपड़ी में आग लग चुकी है। उसी दौरान बुलडोजर झोपड़ी की तरफ बढ़ता है।

बुलडोजर के पहुंचते ही आग और फैल जाती है। इसके साथ ही बचाओ-बचाओ की आवाज आती है। बताया जा रहा है कि ये चीखें आग में जल रहीं मां-बेटी व उसके परिवार की हैं। इस दौरान वीडियो में नजर आ रहे पुलिसकर्मी रोड के किनारे टहलते दिखाई दे रहे हैं।

दो बिंदुओं पर टिकी रही विवेचना
रविवार को एसआईटी की जांच दो बिंदुओं पर टिकी रही। पहला बिंदु कृष्ण गोपाल दीक्षित के परिवार और आरोपी अशोक दीक्षित परिवार के बीच के रिश्तों पर रहा। टीम यह पता करती रही कि पीड़ित और आरोपी क्या एक ही परिवार के हैं। पता चला कि दोनों परिवार अलग हैं। एसआईटी की जांच के दूसरे बिंदु में सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो को भी जांच शामिल किया है।

अस्पताल से घर लौटे कृष्ण गोपाल
आग में फंसी पत्नी और बेटी को बचाने में कृष्ण गोपाल दीक्षित झुलस गए थे। जिला अस्पताल से उन्हें कानपुर नगर के हैलट अस्पताल रेफर किया गया था। रविवार को अस्पताल से छुट्टी मिलने पर कृष्ण गोपाल घर पहुंच गए।

फरार आरोपियों में किसी की नहीं हुई गिरफ्तारी
मड़ौली कांड में फरार एसडीएम, रूरा थाना प्रभारी समेत 10 नामजदों में किसी को अभी गिरफ्तार नहीं किया जा सका है। मामले में जेसीबी चालक और लेखपाल को पहले ही पुलिस गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।

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