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Kanpur: छापों के विरोध में खाद, बीज व कीटनाशक व्यापारियों ने बंद रखीं दुकानें, जुलूस निकाल दिया ज्ञापन
Sat, 28 Jun 2025 07:14 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sat, 28 Jun 2025 07:14 PM IST
सार
Kanpur News: एग्रो इनपुट डीलर्स एसोसिएशन के आह्वान पर कानपुर में खाद, बीज एवं कीटनाशक व्यापारियों ने विरोध जताया।
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व्यापारियों ने जताया विरोध
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
एग्रो इनपुट डीलर्स एसोसिएशन के बैनर तले छापों के विरोध में कानपुर समेत प्रदेश भर के खाद, बीज एवं कीटनाशक व्यापारियों ने शनिवार को अपनी-अपनी दुकानें बंद रखीं। जेल चौराहा से जिलाधिकारी कार्यालय तक व्यापारियों ने नारेबाजी करते हुए जुलूस निकालकर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम सदर एसपी सिंह को सौंपा।
पदाधिकारियों ने कहा कि कृषि विभाग का उत्पीड़न बंद न हुआ तो अनिश्चितकालीन बंदी की जाएगी। किसानों को खाद-बीज का संकट होगा। प्रदेश अध्यक्ष अतुल त्रिपाठी की अगुवाई में पहुंचे व्यापारियों ने कहा कि कृषि विभाग खाद, बीज एवं कीटनाशक व्यापारियों पर लगातार छापे मार रहा है। लाइसेंस निरस्त करने सहित अलग-अलग धाराओं में मुकदमे दर्ज कराए जा रहे हैं। इससे प्रदेश के व्यापारियों में भय का माहौल हो गया है। उर्वरक निर्माता कंपनियों द्वारा यूरिया 242 से लेकर 246 रुपये तक के रेट में होलसेलर व्यापारियों को दिया जा रहा है। इस पर केवल चार से पांच रुपये ही भाड़ा दिया जा रहा है जबकि भाड़ा 25 से लेकर 30 रुपये तक आ रहा है और लोडिंग अनलोडिंग का भी 10 रुपये लग रहा है।
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पदाधिकारियों ने कहा कि कृषि विभाग का उत्पीड़न बंद न हुआ तो अनिश्चितकालीन बंदी की जाएगी। किसानों को खाद-बीज का संकट होगा। प्रदेश अध्यक्ष अतुल त्रिपाठी की अगुवाई में पहुंचे व्यापारियों ने कहा कि कृषि विभाग खाद, बीज एवं कीटनाशक व्यापारियों पर लगातार छापे मार रहा है। लाइसेंस निरस्त करने सहित अलग-अलग धाराओं में मुकदमे दर्ज कराए जा रहे हैं। इससे प्रदेश के व्यापारियों में भय का माहौल हो गया है। उर्वरक निर्माता कंपनियों द्वारा यूरिया 242 से लेकर 246 रुपये तक के रेट में होलसेलर व्यापारियों को दिया जा रहा है। इस पर केवल चार से पांच रुपये ही भाड़ा दिया जा रहा है जबकि भाड़ा 25 से लेकर 30 रुपये तक आ रहा है और लोडिंग अनलोडिंग का भी 10 रुपये लग रहा है।
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व्यापारियों ने निकाला जुलूस
- फोटो : अमर उजाला
इस कारण व्यापारियों की लागत बढ़ती जा रही है। ऐसे में सरकार द्वारा निर्धारित रेट 266.50 रुपये पर यूरिया किसानों को कैसे दी जा सकेगी। यही स्थिति डीएपी-एपीके पर भी है। व्यापारियों ने कहा कि रिटेलर या होस सेलर किसी प्रकार का कीटनाशक बनाता नहीं है तो उस पर कार्रवाई क्यों की जा रही है। कानपुर में पांच हजार और पूरे प्रदेश में एक लाख दुकानें हैं। समस्याओं का समाधान न हुआ तो सभी कृषि व्यापारी लाइसेंस सरेंडर करने पर मजबूर होंगे। भारतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के प्रदेश अध्यक्ष ज्ञानेश मिश्र ने आंदोलन में शामिल होकर व्यापारियों का उत्पीड़न खत्म करने की मांग उठाई। इस मौके पर अश्वनी कटियार, प्रशांत चोला, आशुतोष कटियार, राजू गुप्ता, राजकमल, पवन पांडेय, आलोक ओमर, सुधीर पुरवार, प्रदीप कुशवाहा , विपिन गुप्ता, अंकित गुप्ता आदि मौजूद रहे।