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Kanpur: बहू से ससुर बोले- नो एंट्री, मासूम बेटियों संग तीन दिन से धरने पर बैठी महिला, पढ़ें पूरा मामला

Sun, 15 Jun 2025 11:21 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Sun, 15 Jun 2025 11:21 AM IST
सार

Kanpur News: थाना प्रभारी ने बताया कि महिला का कहना है कि वह पति के साथ ही रहेगी और जब तक उसे इंसाफ नहीं मिलता, वह अपनी जगह से नहीं हटेगी। बताया पूरे मामले को उच्च अधिकारियों को अवगत कराकर इनकी सुरक्षा के लिए एक गार्ड की तैनाती की गई है।

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Kanpur Father in law told daughter in law no entry woman sitting on dharna with daughters for three days
धरने पर बैठी महिला और मासूम बच्चियां - फोटो : amar ujala

विस्तार

कानपुर में कन्नौज की विवाहिता अपनी दो मासूम बेटियों के साथ भीतरगांव इलाके के चिरली गांव में पति की चौखट पर धरना देकर शुक्रवार दोपहर से बैठी हुई है। पत्नी का आरोप है कि तीन वर्ष पहले कानपुर में रहने के दौरान पति उन्हें छोड़कर कहीं चले गए हैं। ससुर नो एंट्री कह कर घर का दरवाजा बंद किए हैं। जब तक उसे इंसाफ नहीं मिलेगा, वो यहां से हिलेगी नहीं।

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सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची, उसकी सुरक्षा के लिए एक होमगार्ड की तैनाती भी कर दी गई है। साढ़ प्रभारी निरीक्षक अवनीश कुमार सिंह ने बताया चिरली गांव निवासी रिटायर्ड फौजी बृजेश सिंह परिहार की वर्ष 2010 में कन्नौज कोतवाली के अटारा मोहल्ला निवासी अंशुल से जान पहचान होने पर दोनों के बीच प्रेम संबंध हो गए। फिर वर्ष 2012 में अंशु ने कन्नौज कोतवाली में बृजेश के खिलाफ शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने पर मुकदमा दर्ज कराया था।

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Kanpur Father in law told daughter in law no entry woman sitting on dharna with daughters for three days
धरने पर बैठी महिला और मासूम बच्चियां - फोटो : amar ujala

ससुर ने नो एंट्री कह दरवाजा बंद कर लिया
मुकदमा के बाद दोनों शादी कर कानपुर में किराए पर पति-पत्नी के रूप में रहने लगे। दो बेटियां आठ और छह वर्ष की हैं। वर्ष 2022 में बृजेश फिर परिवार को छोड़कर फरार है। शुक्रवार दोपहर अंशुल दोनों बेटियों के साथ बृजेश के गांव चिरली आकर घर के अंदर जाने का प्रयास किया, तो ससुर ने नो एंट्री कह दरवाजा बंद कर लिया। लेकिन अंशुल डरी नहीं, गांव बाहर बने प्राइमरी स्कूल के बरामदे पर बैठी है।  उसका कहना है कि वह पति के साथ ही रहेगी और जब तक उसे इंसाफ नहीं मिलता, वह अपनी जगह से नहीं हटेगी।

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