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कानपुर: हत्या के प्रयास में बाप और तीन बेटों को दस-दस साल कैद, मकान मालिक पर बरसाई थीं गोलियां

Fri, 10 Dec 2021 01:10 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: प्रभापुंज मिश्रा Updated Fri, 10 Dec 2021 01:10 AM IST
सार

रेल बाजार के हैरिसगंज में फैसल जावेद ने अलख नारायण बॉथम से एक मकान खरीदा था। इसमें मोहम्मद जाकिर उर्फ कल्लू घोषी अपने बेटों के साथ किराये पर रहता था। पांच साल  मकान खाली करने के विवाद में मकान मालिक पर गोलियां बरसाई थीं।

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Kanpur: Father and three sons were imprisoned for ten years for attempt to murder
कोर्ट। - फोटो : amar ujala

विस्तार

कानपुर में पांच साल पहले एक मकान खाली करने के विवाद में गोली मारकर मकान मालिक की हत्या का प्रयास करने वाले किरायेदार बाप और उसके तीन बेटों को अपर जिला जज 13 पवन कुमार श्रीवास्तव ने दस-दस साल कैद की सजा सुनाई है। चारों पर 28-28 हजार रुपये का जुर्माना भी किया है, जिसमें से 80 हजार पीड़ित को मिलेंगे।
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एक आरोपी पर दोष साबित नहीं हुआ, जबकि एक किशोर का मुकदमा किशोर न्याय बोर्ड में विचाराधीन है। रेल बाजार के हैरिसगंज में फैसल जावेद ने अलख नारायण बॉथम से एक मकान खरीदा था। इसमें मोहम्मद जाकिर उर्फ कल्लू घोषी अपने बेटों के साथ किराये पर रहता था।
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जाकिर ने फैसल से तीन लाख रुपये लेकर मकान खाली करने का सौदा किया। फैसल ने जाकिर के बेटों के सामने रुपये देने और कागज पर उनके भी हस्ताक्षर कराने की बात कही। इस पर जाकिर ने 13 जनवरी 2016 को फैसल को रुपये लेकर घर बुलाया।
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वह अपने भाई सलीम जावेद के साथ उसके घर पहुंचा तो जाकिर, उसके बेटों मोहम्मद वसीम उर्फ कैली, मोहम्मद अनीस, नसीम उर्फ बड़कऊ, एक किशोर और नफीस ने फैसल पर हमला बोल दिया। ताबड़तोड़ फायरिंग में फैसल के सिर और पेट में गोलियां लगी थीं।


एडीजीसी अजय प्रकाश सिंह व विशेष लोक अभियोजक चंद्रकांत शर्मा ने बताया कि अभियोजन की ओर से 10 गवाह पेश किए गए। सुबूतों और गवाहों के आधार पर कोर्ट ने 60 वर्षीय जाकिर, उसके बेटे वसीम, अनीस और नसीम को सजा सुनाई, जबकि नफीस को सुबूतों के अभाव में दोषमुक्त करार दिया।
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