Kanpur: किसानों को बासमती की दरकार, केंद्रों पर हाइब्रिड बीज की भरमार, इसकी मांग हैं ज्यादा, पढ़ें रिपोर्ट
Kanpur News: जिले के सभी ब्लॉकों में स्थित सरकारी बीज केंद्रों की पड़ताल की, तो हकीकत सामने आ गई। कई बीज केंद्रों में ताले लटकते मिले। इससे किसान निराश होकर खाली हाथ वापस लौट रहे थे। वहीं, कई केंद्रों पर बासमती और पंत 24 बीज नहीं था।
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कानपुर में धान के बीजों से भरे भंडार किसानों के काम नहीं आ रहे हैं। अधिकांश केंद्र पर बासमती, उषा क्रांति पंत 24 बीज उपलब्ध नहीं हैं, जो किसानों की पसंद है। धान के बीज में किसानों को 50 फीसदी अनुदान मिलता है। इसकी वजह से किसान बीज खरीदने के लिए केंद्रों तक भागदौड़ करते हैं।
अमर उजाला की टीम ने जिले के सभी ब्लॉकों में स्थित सरकारी बीज केंद्रों की पड़ताल की, तो हकीकत सामने आ गई। कई बीज केंद्रों में ताले लटकते मिले। इससे किसान निराश होकर खाली हाथ वापस लौट रहे थे। वहीं, कई केंद्रों पर बासमती और पंत 24 बीज नहीं था। कई केंद्रों पर बीज उपलब्ध था, लेकिन गर्मी की वजह से किसान केंद्रों में नहीं गए थे।
केंद्र पर लगा मिला ताला, लौटे किसान
बुधवार दोपहर बिल्हौर ब्लॉक स्थित राजकीय बीज भंडार में ताला लगा मिला। केंद्र प्रभारी देवेंद्र सैनी के मोबाइल नंबर पर संपर्क किया गया तो उन्होंने विभागीय काम से आगरा जाना बताया। केंद्र पर हाइब्रिड धान की पायनिर, वायर, कावेरी के बीज पर्याप्त हैं। केंद्र पर धान का बीज लेने पहुंचे आइमा गांव के किसान रामधीन बिना बीज लिए निराश होकर लौट गए।
बीज है, लेकिन खरीदार नहीं पहुंचे केंद्र
विकास खंड ककवन स्थित राजकीय बीज भंडार दोपहर में खुला मिला। प्रभारी सुमित कुमार कार्यालय में बैठे थे। बताया कि बीते दो-तीन दिनों से खरीफ फसल के बीजों की ब्रिकी में कमी आई है। तेज गर्मी के कारण किसान केंद्र नहीं आ रहे हैं। केंद्र पर सभी प्रकार के बीज उपलब्ध हैं। वहीं, शिवराजपुर, चौबेपुर ब्लॉक का केंद्र खुला मिला। बीज लेने के लिए किसानों की भीड़ लगी थी।
चार प्रजाति के बीज की मांग, पर उपलब्ध नहीं
पतारा स्थित राजकीय बीज भंडार खुला मिला। यहां पर आठ प्रजातियों का 53 क्विंटल बीज आया था। इसमें 41 क्विंटल बीज खरीदा जा चुका है। यहां चार प्रजातियों के बीज खत्म हो चुके हैं, जिन्हें खरीदने के लिए ज्यादा किसान आ रहे हैं, लेकिन केंद्र में यह बीज उपलब्ध न होने के कारण किसानों को वापस लौटना पड़ रहा है।
बासमती और क्रांति बीज केंद्र पर खत्म
घाटमपुर राजकीय बीज केंद्र खुला मिला। यहां पर स्याटवन, स्याटफाइव, उषा क्रांति पंत 24, बासमती 1692 और बासमती 1718 के बीज आए थे। बासमती और उषा क्रांति की मांग ज्यादा होने के कारण बिक चुके हैं। कई इन्हें खरीदने पहुंचे, लेकिन उपलब्ध न होने के कारण लौट गए। यही हाल भीरतगांव के केंद्र का था। यहां अन्य प्रजाति का बीज था, लेकिन बासमती का बीज उपलब्ध नहीं था।
जिन केंद्रों पर ताले लगे मिले हैं, उनकी जांच करवाई जाएगी। जहां पर बीज उपलब्ध नहीं हैं, वहां के लिए डिमांड भेजी गई है। जल्द ही किसानों को बीज उपलब्ध कराया जाएगा। -अमर सिंह, जिला कृषि अधिकारी