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Kanpur: सेना में नौकरी का झांसा दे ठगने में फर्जी नायब सूबेदार गिरफ्तार, मिलिट्री इंटेलीजेंस ने दी थी सूचना

Sat, 18 Apr 2026 11:14 PM IST
Shikha Pandey न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: Shikha Pandey Updated Sat, 18 Apr 2026 11:14 PM IST
सार

Kanpur News: पुलिस को आरोपी से कई एटीएम, पैन कार्ड, कैंटीन कार्ड मिले हैं। चकेरी पुलिस ने कार्रवाई की। 

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Kanpur: Fake Naib Subedar Arrested for Duping Youths with False Promises of Army Jobs
गिरफ्त में आरोपी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

चकेरी पुलिस ने सेना में नौकरी का झांसा देकर ठगी करने के आरोप में गोरखपुर के पिपरही गांव के शिवम यादव उर्फ कुणाल सिंह यादव को गिरफ्तार किया है। वह फर्जी नायब सूबेदार बनकर युवाओं के खेल कोटे का प्रमाण पत्र समेत अन्य दस्तावेज बनवाने का कार्य कर रहा था। उसके खिलाफ मिलिट्री इंटेलीजेंस ने सूचना दी थी। पुलिस को आरोपी के पास से सेना की वर्दी, बैग, एटीएम, पैन कार्ड, कैंटीन कार्ड, मेडल व अन्य दस्तावेज बरामद किए हैं।
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एडीसीपी क्राइम व पूर्वी अंजलि विश्वकर्मा ने बताया कि चकेरी, कैंट और आसपास के क्षेत्र में सेना की वर्दी में एक युवक के टहलने और लोगों के प्रमाण पत्र बनवाने की सूचना आ रही थी। मिलिट्री इंटेलीजेंस भी इसकी जानकारी दे रही थी। चकेरी पुलिस ने आरोपी की सूचना एकत्रित की और उसे शनिवार को नौबस्ता अंडरपास के पास से गिरफ्तार किया।
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उसके पास से बैग मिला है जिसमें चार युवकों के खेल कोटे के फर्जी प्रमाण पत्र मिले हैं। वह नायब सूबेदार बनकर युवाओं को झांसा दे रहा था। यह प्रमाण पत्र नवंबर से दिसंबर 2025 तक के रेसलिंग के बने हुए हैं। खेल प्रमाण पत्र के लिए अपना नाम कुणाल सिंह यादव और सेना में नौकरी के लिए शिवम यादव बताया करता था। चकेरी में किराये के मकान में रह रहा था। वहां के मालिक को भी सेना में नौकरी करने की झूठी बात बताई थी।
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राष्ट्रीय प्रतियोगिता में खेलने का दावा
चकेरी इंस्पेक्टर अजय प्रकाश मिश्रा ने बताया कि आरोपी स्वयं को रेसलिंग में राष्ट्रीय प्रतियोगिता में हिस्सा लेने का दावा कर रहा है। उसका कहना है कि 2021 में बागपत में हुई चैंपियनशिप में उसने प्रतिभाग किया था। वह सेना में नौकरी का प्रयास कर रहा था। किसी कारण से उसे नौकरी नहीं मिली जिस पर वह इस कार्य में लग गया। खेल कोटे के प्रमाण पत्र के लिए छह से 10 हजार रुपये लेता था। कानपुर में सेना की भर्ती निकलने की वजह से यहीं पर रुका हुआ था।

 

इंसास और कार्बाइन के साथ फोटो
एडीसीपी पूर्वी ने बताया कि आरोपी के पास से मोहर, इंक पैड, फोटो कॉपी दस्तावेज, 20 वर्दी वाले फोटो मिले हैं। इन फोटो में वह इंसास, कार्बाइन के साथ नजर वर्दी में आ रहा है। उसने परिवार में स्वयं को सेना में नौकरी करने की बात कही थी। आरोपी के गोरखपुर, गोंडा, लखनऊ और कानपुर के युवाओं के फर्जी प्रमाण पत्र बनाने की संभावना है। सेना के सहयोग से जांच की जा रही है। आरोपी को शनिवार को कोर्ट में पेश किया जहां से उसको जेल भेज दिया गया।
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