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Kanpur: जलकुंभी की नहीं कराई सफाई, रोडवेज वर्कशाॅप पर फोड़ा ठीकरा, प्रबंधन पर लीपापोती का आरोप, पढ़ें मामला

Sun, 26 Jul 2026 10:37 AM IST
Himanshu Awasthi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: Himanshu Awasthi Updated Sun, 26 Jul 2026 10:37 AM IST
सार

Kanpur News: कानपुर चिड़ियाघर की झील में जलकुंभी की समय पर सफाई न होने और ऑक्सीजन का स्तर घटने से सैकड़ों मछलियों की मौत हो गई। इस मामले में प्रबंधन अपनी नाकामी छिपाने के लिए रोडवेज वर्कशॉप पर गंदा पानी छोड़ने का आरोप लगा रहा है, जिसे रोडवेज अधिकारियों ने सिरे से खारिज कर दिया है।

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Kanpur Failure to clear water hyacinth blame shifted to Roadways workshop management accused of a cover up
जलकुंभी से पटी झील - फोटो : amar ujala

विस्तार

कानपुर में चिड़ियाघर की झील में सैकड़ों मछलियों की मौत के मामले पर प्रबंधन लीपापोती कर रहा है। वह रोडवेज वर्कशाॅप पर गंदा पानी बहाने का ठीकरा फोड़ रहा है। वहीं, हर वर्ष बारिश से पहले जलकुंभी और जलीय खरपतवार की सफाई न कराने का जवाब नहीं है। इसी के चलते झील में ऑक्सीजन का स्तर कम होने से सैकड़ों मछलियां मर गईं।

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चिड़ियाघर की झील में हर वर्ष मानसून से पहले जलकुंभी और अन्य जलीय खरपतवार की सफाई कराई जाती रही है। इससे पानी में पर्याप्त ऑक्सीजन बना रहता है। इस बार जिम्मेदारों ने इस ओर ध्यान ही नहीं दिया। इससे जलकुंभी पूरी झील में फैल गई। इससे ऑक्सीजन कम होने से मछलियां मर गईं। जानकारी होने पर 25 किलो ओटू मैक्स टैबलेट और 40 किलो टॉक्सिन बाइंडर का घोल झील में डाला गया।

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रोडवेज के अधिकारियों से इन्कार कर दिया
अब चिड़ियाघर प्रबंधन ने तर्क दिया है कि जंगल सफारी के अंदर से गुजरने वाले नाले का पानी ओवरफ्लो होकर झील तक पहुंचा जिसमें डीजल जैसा पदार्थ दिखाई दे रहा था। आरोप लगाया कि यह पानी आजादनगर रोडवेज डिपो की वर्कशाॅप से आया, जिसकी वजह से मछलियों की मौत हुई। वहीं, जब इन आरोपों को लेकर रोडवेज के अधिकारियों से बात की गई, तो उन्होंने वर्कशाॅप से किसी भी प्रकार का गंदा पानी छोड़े जाने से इन्कार कर दिया।

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नगर निगम और चिड़ियाघर की टीमें करेंगी जांच
मामला चर्चा में आने के बाद अब चिड़ियाघर प्रबंधन नगर निगम को पत्र लिखकर नाले के पानी और नाले के माध्यम से झील के अंदर जाने वाले पानी की जांच कराने की बात कह रहा है। रेंजर फिरोज खान ने बताया कि संयुक्त टीम नाले की जांच करेगी जिससे स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। वहीं जल्द ही झील पर पटी जलकुंभी भी हटाई जाएगी।

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आरोप बेबुनियाद हैं। वर्कशॉप में न तो इंजन खोले जाते हैं न ही मोबिलऑयल का किसी तरह का काम होता है। ऐसे में वेस्ट बहाने का सवाल ही नहीं है। चिड़ियाघर प्रबंधन अपनी गलती दूसरे के सिर पर मढ़ रहा है।  -महेश कुमार, क्षेत्रीय प्रबंधक रोडवेज

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