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कानपुर: फैक्टरी मालिक की हत्या-लूट का मामला, एक को उम्रकैद और एक अन्य बरी, तीसरा अभियुक्त चल रहा है फरार

Sat, 22 Aug 2026 02:02 PM IST
Himanshu Awasthi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: Himanshu Awasthi Updated Sat, 22 Aug 2026 02:02 PM IST
सार

Kanpur News: कालपी रोड स्थित एक होटल के कमरे में दो फरवरी 2008 को फैक्टरी मालिक कमल चुघ की ईंट से कूंचकर की गई हत्या के मामले में 18 साल बाद फैसला आया है। अदालत ने एक आरोपी को उम्रकैद और 35 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। वहीं, सबूतों के अभाव में दूसरे आरोपी को बरी कर दिया गया है। तीसरे फरार आरोपी की फाइल अलग कर दी गई है।

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Kanpur Factory owner murder and robbery case one sentenced to life imprisonment another acquitted
कोर्ट का आदेश - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कानपुर में होटल के कमरे में फैक्टरी मालिक कमल चुघ की हत्या कर उनकी कार व मोबाइल लूटकर भाग जाने के 18 साल पुराने मुकदमे में अपर जिला जज 18 राकेश कुमार तिवारी ने एक दोषी को उम्रकैद और 35 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। एक अन्य को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया है। तीसरा अभियुक्त फरार चल रहा है, जिसकी फाइल अलग कर दी गई है।

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प्रयागराज के नैनी निवासी अरुण कुमार सिंह और अश्वनी कुमार मिश्र उर्फ टिंकू ने दो फरवरी 2008 को कालपी रोड स्थित होटल शीला में एक कमरा बुक किया। वहां के रजिस्टर में अश्वनी ने अपना नाम अभिषेक सिंह और अरुण ने अपना नाम दिनेश सिंह दर्ज कराया। थोड़ी देर बाद दोनों रतनलालनगर के इंद्रप्रस्थ अपार्टमेंट निवासी कमल चुघ को साथ लेकर होटल लौटे और कमरे में चले गए।

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निशानदेही पर बरामद कर ली थी रस्सी
लगभग दो घंटे बाद कमल की ईंट से कूंचकर कमरे में ही हत्या करने के बाद होटल के कमरे में बाहर से ताला लगाकर अश्वनी और अरुण चले गए। दूसरे दिन डुप्लीकेट चाबी से कमरा खोला गया तो अंदर कमल का शव मिला। पुलिस ने कमरे से खून से सनी ईंट व अभियुक्तों की निशानदेही पर रस्सी बरामद कर ली थी, जिससे गला घोंटा गया था। विवेचना के दौरान सीसामऊ के प्रेमनगर निवासी विवेक कुमार कुशवाहा उर्फ प्रफुल्ल का नाम भी हत्या में सामने आया था।

एक को उम्रकैद, एक अन्य बरी
10 फरवरी को हैलट पुल के नीचे से कमल की कार बरामद हुई। इसी कार में अश्वनी, अरुण और विवेक सवार थे। कमल का मोबाइल भी इनके पास से बरामद हो गया था। तीनों के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट भेजी गई थी। एडीजीसी ने बताया कि 11 गवाह कोर्ट में पेश किए गए। गवाही के दौरान सफाई कर्मी ने विवेक द्वारा कमरा बुक कराने की बात कही थी। सबूतों के अभाव में कोर्ट ने अरुण को बरी कर दिया, जबकि विवेक को सजा सुनाई।

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फैक्टरी के लिए निकले पर लौटे नहीं
कमल के जीजा रोहित खोसला ने कोर्ट में बताया था कि दो फरवरी को कमल अपनी पत्नी से यह कहकर घर से निकला थे कि दो लोगों से मिलने जा रहे हैं। वहीं से फैक्टरी चले जाएंगे। कमल अपनी कार लेकर निकले थे लेकिन वापस नहीं लौटे। इस पर कमल के चचेरे भाई दीपक चुघ ने गोविंदनगर थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई। वहां उन्हें होटल शीला में एक लाश मिलने की सूचना मिली। जब रोहित व दीपक फजलगंज पुलिस से मिले तब शव की शिनाख्त कमल चुघ के रूप में की।

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