Kanpur: निमोनिया से सांस में दिक्कत होने पर रोगी वेंटिलेटर पर पहुंच रहे, जुकाम-बुखार के बढ़े मरीज
सीएमओ डॉ. आलोक रंजन ने बताया कि अभी तक एच3एन2 को लेकर शासन की कोई गाइडलाइन नहीं आई है। इसके अलावा किसी अस्पताल ने भी रिपोर्ट नहीं भेजी। इस संबंध में सतर्कता जरूर बरती जा रही है। मेडिकल कॉलेज से प्रतिदिन रिपोर्ट ली जा रही है। इसके साथ लोगों से अपील है कि एहतियात बरतें।
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मौसमी वायरल संक्रमण के कारण पुराने रोगियों को निमोनिया हो जा रहा है। इससे रोगियों को सांस लेने में दिक्कत हो रही है। हैलट इमरजेंसी में शनिवार रात पांच रोगी गंभीर हालत में भर्ती किए गए। इसके साथ ही बहुत से रोगियों का ओपीडी स्तर पर इलाज चल रहा है। इसके अलावा मेडिसिन विभाग के वार्ड में सांस के रोगी भर्ती किए गए हैं।
जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय काला का कहना है कि इनमें एच3एन2 का कोई रोगी नहीं है। इस रोग का कोई संदिग्ध रोगी नहीं आया जिससे सैंपल जांच के लिए नहीं भेजा गया। मौसम का बदलाव है जिससे वायरल और बैक्टीरियल दोनों तरह के संक्रमण फैलते हैं। अप्रैल तक स्थिति बदल जाएगी। ओपीडी में ढाई सौ रोगियों ने अपना स्वास्थ्य परीक्षण कराया। डॉ. पवन कुमार और डॉ. ललित कुमार ने ओपीडी में रोगी देखे।
उनका कहना था कि जुकाम, बुखार, खांसी के लक्षण लेकर रोगी आ रहे हैं। उप प्राचार्य और मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. रिचा गिरि ने बताया कि वायरल संक्रमण से निमोनिया के रोगियों को वेंटिलेटर पर रखा गया है। इसके अलावा रोगियों को एचडीयू में भर्ती किया गया है। इनमें एच3एन2 का कोई रोगी नहीं है। सीएमओ डॉ. आलोक रंजन ने बताया कि अभी तक एच3एन2 को लेकर शासन की कोई गाइडलाइन नहीं आई है। इसके अलावा किसी अस्पताल ने भी रिपोर्ट नहीं भेजी। इस संबंध में सतर्कता जरूर बरती जा रही है। मेडिकल कॉलेज से प्रतिदिन रिपोर्ट ली जा रही है। इसके साथ लोगों से अपील है कि एहतियात बरतें।
एडवाइजरी
- मास्क लगाकर बाहर निकलें।
- भीड़भाड़ वाले स्थानों पर बेवजह न जाएं।
- बाहर से घर जाएं तो पहले साबुन से हाथ धो लें।
- जिसे जुकाम हो, वह मुंह पर रुमाल लगाकर खांसे।