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Kanpur: डॉ. नंदिनी रस्तोगी लगातार दूसरी बार आईएमए अध्यक्ष बनने वाली पहली महिला, डॉ. विकास मिश्रा सचिव बने
Sun, 06 Oct 2024 10:19 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sun, 06 Oct 2024 10:19 PM IST
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डॉ. नंदिनी रस्तोगी अध्यक्ष व डॉ. विकास मिश्रा सचिव बने
- फोटो : अमर उजाला
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इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के 114वें चुनाव में अध्यक्ष पद पर सीनियर फिजीशियन डॉ. नंदिनी रस्तोगी ने लगातार दूसरी बार बाजी मारी। लगातार दो बार अध्यक्ष पद का चुनाव जीतने वाली वह पहली महिला चिकित्सक हैं। इसके पहले डॉ. आरती लालचंदानी दो बार अध्यक्ष बनीं, लेकिन बीच में एक साल का गैप रहा है। डॉ. नंदिनी ने निकटतम प्रतिद्वंद्वी डॉ. दिनेश सचान को 91 वोटों से शिकस्त दी। सचिव पद पर डॉ. विकास मिश्रा निकटतम प्रतिद्वंद्वी डॉ. पल्लवी चौरसिया से 115 वोटों से चुनाव जीते।
आईएमए के चुनाव में अध्यक्ष और सचिव दोनों पदों के लिए दो-दो प्रत्याशी थे। डॉ. नंदिनी रस्तोगी को 771 वोट मिले। वहीं, डॉ. दिनेश सचान की झोली में 680 वोट ही आए। वह 91 वोटों से पिछड़ गए। इसी तरह सचिव पद पर डॉ. विकास मिश्रा को 783 वोट मिले। डॉ. पल्लवी को 668 वोट मिले। इस तरह डॉ. पल्लवी को 115 वोटों से हार का सामना करना पड़ा।
इस बार अन्य पदों पर चुनाव नहीं हुआ। उपाध्यक्ष के चार पदों के लिए चार ही नामांकन आए। यही स्थिति सांस्कृतिक सचिव, खेल सचिव, पुस्तकालय सचिव, वैज्ञानिक सचिव आदि पदों पर रही। 48 सदस्यों कार्यकारिणी के लिए भी इतने ही दावेदार रहे। आईएमए चुनाव कमेटी के सचिव डॉ. एसी अग्रवाल ने बताया कि दो पदों के लिए मतदान हुआ था। परिणाम आ गया है।
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आईएमए के चुनाव में अध्यक्ष और सचिव दोनों पदों के लिए दो-दो प्रत्याशी थे। डॉ. नंदिनी रस्तोगी को 771 वोट मिले। वहीं, डॉ. दिनेश सचान की झोली में 680 वोट ही आए। वह 91 वोटों से पिछड़ गए। इसी तरह सचिव पद पर डॉ. विकास मिश्रा को 783 वोट मिले। डॉ. पल्लवी को 668 वोट मिले। इस तरह डॉ. पल्लवी को 115 वोटों से हार का सामना करना पड़ा।
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इस बार अन्य पदों पर चुनाव नहीं हुआ। उपाध्यक्ष के चार पदों के लिए चार ही नामांकन आए। यही स्थिति सांस्कृतिक सचिव, खेल सचिव, पुस्तकालय सचिव, वैज्ञानिक सचिव आदि पदों पर रही। 48 सदस्यों कार्यकारिणी के लिए भी इतने ही दावेदार रहे। आईएमए चुनाव कमेटी के सचिव डॉ. एसी अग्रवाल ने बताया कि दो पदों के लिए मतदान हुआ था। परिणाम आ गया है।
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आईएमए भवन का काम पूरा करना है
नवनिर्वाचित अध्यक्ष डॉ. नंदिनी रस्तोगी ने कहा कि उन्हें आईएमए भवन निर्माण का बचा हुआ कार्य पूरा करना है। इसी वजह से सदस्यों ने उन्हें लगातार दूसरी बार सेवा का मौका दिया है। इसके साथ ही डॉक्टरों के हितों की रक्षा तथा उनकी समस्याओं के समाधान का प्रयास प्राथमिकता पर है। जन स्वास्थ्य योजनाओं को भी प्रभावी बनाएंगे।
आईएमए की महिला अध्यक्ष
डॉ. मिनी खन्ना (वर्ष 1955)
डॉ. चंद्रकांता रोहतगी (वर्ष 1961)
डॉ. वीके सिंह (वर्ष 1999)
डॉ. अलका शर्मा (वर्ष 2013)
डॉ. आरती लालचंदानी (वर्ष 2014)
डॉ. किरन पांडेय (वर्ष 2015)
डॉ. आरती लालचंदानी (वर्ष 2016)
डॉ. अर्चना भदौरिया (वर्ष 2019)
डॉ. रीता मित्तल (वर्ष 2020)
डॉ. नीलम मिश्रा (वर्ष 2021)
डॉ. नंदिनी रस्तोगी (वर्ष 2023)
नवनिर्वाचित अध्यक्ष डॉ. नंदिनी रस्तोगी ने कहा कि उन्हें आईएमए भवन निर्माण का बचा हुआ कार्य पूरा करना है। इसी वजह से सदस्यों ने उन्हें लगातार दूसरी बार सेवा का मौका दिया है। इसके साथ ही डॉक्टरों के हितों की रक्षा तथा उनकी समस्याओं के समाधान का प्रयास प्राथमिकता पर है। जन स्वास्थ्य योजनाओं को भी प्रभावी बनाएंगे।
आईएमए की महिला अध्यक्ष
डॉ. मिनी खन्ना (वर्ष 1955)
डॉ. चंद्रकांता रोहतगी (वर्ष 1961)
डॉ. वीके सिंह (वर्ष 1999)
डॉ. अलका शर्मा (वर्ष 2013)
डॉ. आरती लालचंदानी (वर्ष 2014)
डॉ. किरन पांडेय (वर्ष 2015)
डॉ. आरती लालचंदानी (वर्ष 2016)
डॉ. अर्चना भदौरिया (वर्ष 2019)
डॉ. रीता मित्तल (वर्ष 2020)
डॉ. नीलम मिश्रा (वर्ष 2021)
डॉ. नंदिनी रस्तोगी (वर्ष 2023)
आईएमए में महिला अध्यक्षों का दबदबा
आईएमए में महिला अध्यक्षों का दबदबा रहा है। वर्ष 2013 से 2016 तक लगातार चार साल महिला चिकित्सकों ने आईएमए की कमान संभाली। इसके बाद वर्ष 2019 से वर्ष 2021 तक आईएमए अध्यक्ष महिला चिकित्सक रही हैं। बीच में एक साल के अंतर के बाद दो बार से आईएमए ने फिर महिला चिकित्सक को मुखिया बनाया है।
आईएमए में महिला अध्यक्षों का दबदबा रहा है। वर्ष 2013 से 2016 तक लगातार चार साल महिला चिकित्सकों ने आईएमए की कमान संभाली। इसके बाद वर्ष 2019 से वर्ष 2021 तक आईएमए अध्यक्ष महिला चिकित्सक रही हैं। बीच में एक साल के अंतर के बाद दो बार से आईएमए ने फिर महिला चिकित्सक को मुखिया बनाया है।