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कानपुर आरटीओ कार्यालय में डीएम ने मारा छापा, कई बाबुओं पर भड़के, हटाने के दिए निर्देश
Wed, 10 Jul 2019 12:40 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Wed, 10 Jul 2019 12:40 AM IST
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कानपुर आरटीओ कार्यलय में डीएम ने मारा छापा
- फोटो : अमर उजाला
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कानपुर आरटीओ कार्यालय के कई बाबुओं पर जिलाधिकारी विजय विश्वास मंगलवार को जमकर बरसे। उन्होंने एआरटीओ प्रशासन आदित्य त्रिपाठी से चेतावनी वाले लहजे में कहा कि लंबे समय से एक ही जगह जमे बाबुओं को तुरंत दूसरा काम सौंपें। उन्होंने मौके पर कई दलालों को पकड़कर जेल भिजवा दिया। वह दिन में औचक निरीक्षण करने आरटीओ कार्यालय पहुंचे थे।
डीएम ने यह भी निर्देश किया कि जहां भी पब्लिक वाले काम होते हैं, वहां बैठने वाले बाबुओं के केबिन में सीसीटीवी कैमरा लगाया जाए। कार्यालय में सभी कर्मचारियों पर नजर रखी जाए कि उनसे मिलने के लिए कौन-कौन आता है। जिलाधिकारी जिस समय आरटीओ कार्यालय पहुंचे, वहां के एक कर्मचारी के हाथ में 10 से अधिक फॉर्म थे। उन्होंने उसे देखते ही पूछताछ शुरू कर दी।
जब उसका मोबाइल चेक किया गया, तो उसने कोड वर्ड में कई नाम फीड किए थे, जो रोजाना उसे फोन करते हैं। एआरटीओ को निर्देश दिया कि वे परिसर में दो बड़ी होर्डिंग लगाएं, जिसमें सभी तरह की सूचनाएं लिखी हों। हर कक्ष के बाहर लिखा जाए कि यहां क्या काम होता है।
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हेल्प डेस्क बनाई जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि बाहरी लोगों का दखल यदि नहीं रुका ,तो अधिकारियों पर भी कार्रवाई होगी। इस मौके पर एसएसपी अनंत देव, एडीएम विवेक श्रीवास्तव, एसपी पश्चिम संजीव सुमन के अलावा सिटी मजिस्ट्रेट, एसीएम सहित कई थानों की पुलिस भी थी।
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डीएम ने यह भी निर्देश किया कि जहां भी पब्लिक वाले काम होते हैं, वहां बैठने वाले बाबुओं के केबिन में सीसीटीवी कैमरा लगाया जाए। कार्यालय में सभी कर्मचारियों पर नजर रखी जाए कि उनसे मिलने के लिए कौन-कौन आता है। जिलाधिकारी जिस समय आरटीओ कार्यालय पहुंचे, वहां के एक कर्मचारी के हाथ में 10 से अधिक फॉर्म थे। उन्होंने उसे देखते ही पूछताछ शुरू कर दी।
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जब उसका मोबाइल चेक किया गया, तो उसने कोड वर्ड में कई नाम फीड किए थे, जो रोजाना उसे फोन करते हैं। एआरटीओ को निर्देश दिया कि वे परिसर में दो बड़ी होर्डिंग लगाएं, जिसमें सभी तरह की सूचनाएं लिखी हों। हर कक्ष के बाहर लिखा जाए कि यहां क्या काम होता है।
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हेल्प डेस्क बनाई जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि बाहरी लोगों का दखल यदि नहीं रुका ,तो अधिकारियों पर भी कार्रवाई होगी। इस मौके पर एसएसपी अनंत देव, एडीएम विवेक श्रीवास्तव, एसपी पश्चिम संजीव सुमन के अलावा सिटी मजिस्ट्रेट, एसीएम सहित कई थानों की पुलिस भी थी।