Exclusive: म्योर मिल की जमीन पर बनेंगे मंडलीय कार्यालय, मिल के अंदर हटीं मशीनें…दुकानें हो चुकीं नीलामी
Kanpur News: कानपुर में म्योर मिल की डेढ़ लाख वर्ग मीटर जमीन पर अब मंडलायुक्त और पुलिस आयुक्त कार्यालय समेत अन्य सरकारी दफ्तर बनाए जाएंगे। प्रशासन ने जमीन को सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
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कानपुर में सिविल लाइंस स्थित म्योर मिल की जमीन पर मंडलायुक्त, पुलिस आयुक्त कार्यालय समेत अन्य विभागों के मंडलीय कार्यालय बनेंगे। मिल की करीब डेढ़ लाख वर्ग मीटर नजूल संपत्ति का एडीएम वित्त, एसडीएम सदर और तहसीलदार सदर ने सर्वे कर लिया है। टीम ने मिल के स्वामित्व वाली जमीन को पहले सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज करने का प्रस्ताव तैयार किया है। माह के अंत तक प्रस्ताव शासन को भेज दिया जाएगा। सहमति मिलते ही कार्यालय निर्माण का प्रस्ताव भेजा जाएगा।
जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में सरकारी विभागों के मंडलीय कार्यालय संचालित हैं। कई विभागों के पास खुद की जमीन नहीं है। कई कलक्ट्रेट या किराये की इमारतों में संचालित हैं। इस समस्या के मद्देनजर जिला प्रशासन एक ही छत के नीचे मंडलीय कार्यालयों को बनाने के लिए लंबे समय से जमीन तलाश रहा था। बीते वर्ष सरकार की तरफ से नजूल की संपत्तियों पर सरकारी कार्यालय स्थापित करने की योजना तैयारी की गई थी। इस पर जिले के अफसरों ने नजूल की खाली संपत्तियों को खोजना शुरू किया।
नजूल विभाग से जमीन के सारे रिकॉर्ड देखे गए हैं
इसके बाद म्योर मिल की जमीन को चिह्नित किया। यह मिल कई वर्षों से बंद पड़ी है। करीब डेढ़ लाख वर्ग मीटर जमीन पर मिल निर्माण के अलावा इसका ज्यादातर जमीन का हिस्सा खाली पड़ा है। जमीन के चयन के बाद एडीएम वित्त विवेक चतुर्वेदी, एसडीएम सदर अविचल प्रताप सिंह और तहसीलदार ने मौके पर सर्वे किया। इसके बाद नजूल विभाग से जमीन के सारे रिकॉर्ड देखे गए। इससे पता चला कि जमीन अभी म्योर मिल के नाम है। पहले इस जमीन को सरकार के नाम करने की तैयारी की जा रही। इससे कार्यालय बनाने में किसी तरह की जिला प्रशासन को समस्या नहीं होगी।
मिल के अंदर हटीं मशीनें, दुकानें हो चुकीं नीलामी
एडीएम वित्त विवेक ने बताया कि पहले जमीन राज्य सरकार के कब्जे में लाने की कार्रवाई होगी। मिल में लगी मशीनें हट गई हैं। दुकानों की नीलामी हो चुकी है। पहले जमीन को सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज कराने और फिर विभागों के निर्माण का प्रस्ताव बनाकर भेजा जाएगा। प्रयास है कि मंडल के सभी कार्यालय एक ही जगह संचालित हों और लोगों को भटकना न पड़े।