फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Kanpur Divisional offices will built on land of Muir Mill machines removed from inside mill shops auctioned

Exclusive: म्योर मिल की जमीन पर बनेंगे मंडलीय कार्यालय, मिल के अंदर हटीं मशीनें…दुकानें हो चुकीं नीलामी

Thu, 24 Jul 2025 07:00 AM IST
हिमांशु अवस्थी रजत यादव, अमर उजाला, कानपुर
रजत यादव, अमर उजाला, कानपुर Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Thu, 24 Jul 2025 07:00 AM IST
सार

Kanpur News: कानपुर में म्योर मिल की डेढ़ लाख वर्ग मीटर जमीन पर अब मंडलायुक्त और पुलिस आयुक्त कार्यालय समेत अन्य सरकारी दफ्तर बनाए जाएंगे। प्रशासन ने जमीन को सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

विज्ञापन
Kanpur Divisional offices will built on land of Muir Mill machines removed from inside mill shops auctioned
म्योर मिल - फोटो : amar ujala

विस्तार

कानपुर में सिविल लाइंस स्थित म्योर मिल की जमीन पर मंडलायुक्त, पुलिस आयुक्त कार्यालय समेत अन्य विभागों के मंडलीय कार्यालय बनेंगे। मिल की करीब डेढ़ लाख वर्ग मीटर नजूल संपत्ति का एडीएम वित्त, एसडीएम सदर और तहसीलदार सदर ने सर्वे कर लिया है। टीम ने मिल के स्वामित्व वाली जमीन को पहले सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज करने का प्रस्ताव तैयार किया है। माह के अंत तक प्रस्ताव शासन को भेज दिया जाएगा। सहमति मिलते ही कार्यालय निर्माण का प्रस्ताव भेजा जाएगा।

विज्ञापन

जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में सरकारी विभागों के मंडलीय कार्यालय संचालित हैं। कई विभागों के पास खुद की जमीन नहीं है। कई कलक्ट्रेट या किराये की इमारतों में संचालित हैं। इस समस्या के मद्देनजर जिला प्रशासन एक ही छत के नीचे मंडलीय कार्यालयों को बनाने के लिए लंबे समय से जमीन तलाश रहा था। बीते वर्ष सरकार की तरफ से नजूल की संपत्तियों पर सरकारी कार्यालय स्थापित करने की योजना तैयारी की गई थी। इस पर जिले के अफसरों ने नजूल की खाली संपत्तियों को खोजना शुरू किया।

विज्ञापन

नजूल विभाग से जमीन के सारे रिकॉर्ड देखे गए हैं
इसके बाद म्योर मिल की जमीन को चिह्नित किया। यह मिल कई वर्षों से बंद पड़ी है। करीब डेढ़ लाख वर्ग मीटर जमीन पर मिल निर्माण के अलावा इसका ज्यादातर जमीन का हिस्सा खाली पड़ा है। जमीन के चयन के बाद एडीएम वित्त विवेक चतुर्वेदी, एसडीएम सदर अविचल प्रताप सिंह और तहसीलदार ने मौके पर सर्वे किया। इसके बाद नजूल विभाग से जमीन के सारे रिकॉर्ड देखे गए। इससे पता चला कि जमीन अभी म्योर मिल के नाम है। पहले इस जमीन को सरकार के नाम करने की तैयारी की जा रही। इससे कार्यालय बनाने में किसी तरह की जिला प्रशासन को समस्या नहीं होगी।

मिल के अंदर हटीं मशीनें, दुकानें हो चुकीं नीलामी

एडीएम वित्त विवेक ने बताया कि पहले जमीन राज्य सरकार के कब्जे में लाने की कार्रवाई होगी। मिल में लगी मशीनें हट गई हैं। दुकानों की नीलामी हो चुकी है। पहले जमीन को सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज कराने और फिर विभागों के निर्माण का प्रस्ताव बनाकर भेजा जाएगा। प्रयास है कि मंडल के सभी कार्यालय एक ही जगह संचालित हों और लोगों को भटकना न पड़े।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed