Kanpur: डिजिटल अरेस्ट और साइबर ठगी का खेल, बैंक कर्मी समेत दो की जमानत अर्जी खारिज, कोर्ट ने माना गंभीर अपराध
Kanpur News: कोर्ट ने साइबर ठगी और डिजिटल अरेस्ट मामले में आरोपी यूनिटी स्मॉल फाइनेंस बैंक के कर्मी आशीष शर्मा और साहिल विश्वकर्मा की जमानत अर्जी खारिज कर दी है। इन पर फर्जी बैंक खाते खुलवाकर देश भर में ठगी की रकम को खपाने का गंभीर आरोप है।
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कानपुर में करोड़ों रुपये की साइबर ठगी के मामले में आरोपी बैंक कर्मी समेत दो की जमानत अर्जी अपर जिला जज प्रथम सपना त्रिपाठी ने खारिज कर दी है। बर्रा पुलिस ने 30 अप्रैल 2026 को सब्जी मंडी के पास से तीन लोगों को गिरफ्तार कर बड़ी साइबर ठगी का खुलासा किया था।
इन लोगों ने बताया था कि वह साथियों के साथ मिलकर जीएसटी फर्म व फर्जी बैंक खाते खुलवाकर देश के विभिन्न राज्यों के लोगों से धोखाधड़ी व डिजिटल अरेस्ट कर उनसे धन अर्जित करते हैं। इनका संगठित गिरोह है। इसमें कई लोगों के साथ बैंक कर्मचारी भी शामिल हैं।
दोनों की ओर से दाखिल की गई थी जमानत अर्जी
इसी मामले में पुलिस ने यूनिटी स्मॉल फाइनेंस बैंक के कर्मचारी कल्याणपुर के साहब नगर निवासी आशीष कुमार शर्मा और बर्रा-दो निवासी साहिल विश्वकर्मा को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। दोनों की ओर से जमानत अर्जी दाखिल की गई थी।
खातों में 54 करोड़ रुपये का लेनदेन किया गया
अर्जी का विरोध करते हुए एडीजीसी ने तर्क रखा कि यह लोग बैंक की मिलीभगत व सहअभियुक्तों के सहयोग से भोले-भाले लड़कों के फर्जी बैंक खाते खुलवाते थे और साइबर फ्रॉड से प्राप्त धन को उस खाते के माध्यम से ट्रेडिंग करते थे। खातों में 54 करोड़ रुपये का लेनदेन किया गया। कोर्ट ने गंभीर अपराध मानकर दोनों की अर्जियां खारिज कर दीं।