{"_id":"61613c778ebc3e8bb11c2e91","slug":"kanpur-diarrhea-attacks-with-fever-four-dead","type":"story","status":"publish","title_hn":"कानपुर: बुखार के साथ डायरिया का भी हमला, चार की मौत, 140 बेड के अस्पताल में 200 से ज्यादा बच्चे भर्ती","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कानपुर: बुखार के साथ डायरिया का भी हमला, चार की मौत, 140 बेड के अस्पताल में 200 से ज्यादा बच्चे भर्ती
Sat, 09 Oct 2021 12:24 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Sat, 09 Oct 2021 12:24 PM IST
विज्ञापन
हैलट ओपीडी में लगी भीड़
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कानपुर में डेंगू सहित अन्य तरह के बुखार से जूझ रहे शहर में डायरिया का भी हमला तेज हो गया है। बीते 24 घंटे में बुखार, डायरिया की चपेट में आए चार मरीजों की उपचार के दौरान मौत हो गई है। शुक्रवार को बाल रोग चिकित्सालय में डायरिया की चपेट में आए पांच बच्चों को भर्ती किया गया।
140 बेड के इस अस्पताल में 200 से ज्यादा बच्चे भर्ती हैं। मंधना निवासी 12 वर्षीय किशोर को उल्टी, दस्त होने की वजह से बाल रोग चिकित्सालय में भर्ती कराया गया था, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। हैलट में एक हफ्ते पहले भर्ती कराए गए कन्नौज निवासी शिवाकांत (68) और फतेहपुर निवासी मोनू (32) ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया।
बुखार के साथ इन दोनों मरीजों के फेफड़ों में भी संक्रमण था। नवाबगंज निवासी बुखार पीड़ित रामकिशोर विश्वकर्मा के फेफड़ों में पानी भरा था। उनकी मौत हो गई। बाल रोग विभाग के अध्यक्ष डॉ. यशवंत राव ने बताया कि अस्पताल में बेड की कमी की वजह से कई बच्चों को मेटरनिटी विंग में शिफ्ट किया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
140 बेड के इस अस्पताल में 200 से ज्यादा बच्चे भर्ती हैं। मंधना निवासी 12 वर्षीय किशोर को उल्टी, दस्त होने की वजह से बाल रोग चिकित्सालय में भर्ती कराया गया था, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। हैलट में एक हफ्ते पहले भर्ती कराए गए कन्नौज निवासी शिवाकांत (68) और फतेहपुर निवासी मोनू (32) ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया।
विज्ञापन
बुखार के साथ इन दोनों मरीजों के फेफड़ों में भी संक्रमण था। नवाबगंज निवासी बुखार पीड़ित रामकिशोर विश्वकर्मा के फेफड़ों में पानी भरा था। उनकी मौत हो गई। बाल रोग विभाग के अध्यक्ष डॉ. यशवंत राव ने बताया कि अस्पताल में बेड की कमी की वजह से कई बच्चों को मेटरनिटी विंग में शिफ्ट किया जा रहा है।
विज्ञापन