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Kanpur: डब्ल्यू-वन केशवनगर में ध्वस्तीकरण का विरोध, मोहलत देकर लौटा केडीए दस्ता
Thu, 11 Dec 2025 10:08 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Thu, 11 Dec 2025 10:08 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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डब्ल्यू-वन ब्लाक केशवनगर में 80 करोड़ से ज्यादा की जमीन पर अवैध रूप से बने घर तोड़ने पहुंचा केडीए प्रवर्तन दस्ता अवैध कब्जेदारों के गुहार लगाने पर चार दिन की मोहलत देकर लौट आया। जूही कला योजना के अंतर्गत डब्ल्यू वन ब्लाक केशवनगर में केडीए के करीब 60 प्लाटों पर चार दशक से भी ज्यादा समय से अवैध कब्जे हैं। इनमें 75 परिवार झुग्गी-झोपड़ी से पक्के मकान तक बनवाकर रह रहे हैं।
केडीए ने अवैध कब्जेदारों को नोटिस दिए। गुरुवार को केडीए के चार विशेष कार्याधिकारियों (बृजेंद्र उपाध्याय, सत शुक्ला, डॉ रवि प्रताप सिंह, अजय कुमार) के साथ जोन - 3 की प्रभारी अधिशासी अभियंता माधवी कुशवाहा, अतुल राय, सहायक अभियंता दिनेश कुमार गुप्ता प्रवर्तन दस्ता और हनुमंत विहार थाने की फोर्स के साथ दोपहर बाद अवैध कब्जे तोड़ने के लिए मौके पर पहुंचे। वहां चेतावनी देने के बाद बुलडोजर से एक अवैध मकान की बाउंड्री तोड़ते ही दिव्यांगों सहित तमाम महिलाएं, बच्चे, बुजुर्ग दस्ते के आगे बैठ गए। उनका कहना था कि वे 75 घरों में 500 से ज्यादा लोग रहते हैं। वे 40-50 साल से काबिज हैं।
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केडीए ने अवैध कब्जेदारों को नोटिस दिए। गुरुवार को केडीए के चार विशेष कार्याधिकारियों (बृजेंद्र उपाध्याय, सत शुक्ला, डॉ रवि प्रताप सिंह, अजय कुमार) के साथ जोन - 3 की प्रभारी अधिशासी अभियंता माधवी कुशवाहा, अतुल राय, सहायक अभियंता दिनेश कुमार गुप्ता प्रवर्तन दस्ता और हनुमंत विहार थाने की फोर्स के साथ दोपहर बाद अवैध कब्जे तोड़ने के लिए मौके पर पहुंचे। वहां चेतावनी देने के बाद बुलडोजर से एक अवैध मकान की बाउंड्री तोड़ते ही दिव्यांगों सहित तमाम महिलाएं, बच्चे, बुजुर्ग दस्ते के आगे बैठ गए। उनका कहना था कि वे 75 घरों में 500 से ज्यादा लोग रहते हैं। वे 40-50 साल से काबिज हैं।
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मौके पर लगी टीम
- फोटो : अमर उजाला
किसी की दूसरी तो किसी की तीसरी पीढ़ी वहां रह रही है। गुहार लगाई कि ठंड में उन्हें बेघर न किया जाए। एक घंटे चली बातचीत के दौरान विकास प्राधिकरण के अधिकारियों ने उनसे केडीए के फ्लैट किश्तों में लेने का पर जोर दिया, पर ज्यादातर ने आर्थिक कमजोरी का हवाला देकर असमर्थता जताई। उनसे चार दिन में घर खाली करने के लिए अंगूठा लगाकर प्रार्थनापत्र देने के लिए कहा गया। कुछ महिलाओं ने अंगूठे लगाए, पर ज्यादातर ने इससे भी इनकार कर दिया।
डब्ल्यू-वन ब्लाक के अवैध कब्जेदारों ने घर खाली करने के लिए चार दिन का समय मांगा, उन्हें इतनी मोहलत दे दी गई है। बिजली कनेक्शन काटे गए हैं। यदि इस बीच उन्होंने अवैध कब्जे खाली नहीं किए तो बल पूर्वक हटाते हुए अवैध मकान ध्वस्त किए जाएंगे। - बृजेंद्र उपाध्याय, विशेष कार्याधिकारी, जोन-3, केडीए