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कानपुर देहात : अमृत सरोवर निर्माण में गड़बड़ी पर काम रोका, उपायुक्त मनरेगा ने भुगतान पर लगाई रोक
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कसोलर में अमृत सरोवर की जांच करते उपायुक्त मनरेगा। संवाद
- फोटो : AKBARPUR
संदलपुर। उपायुक्त मनरेगा ने बुधवार को कसोलर गांव में अमृत सरोवर की जांच की। गड़बड़ी मिलने पर उन्होंने राज्यवित्त व मनरेगा के अभिलेख कब्जे में ले लिए। वहीं, भुगतान पर रोक लगा दी। निर्माण समिति का गठन न होने तक तालाब खोदाई बंद करा दी गई है।
ब्लॉक संदलपुर के कसोलर गांव में मनरेगा से 27 लाख रुपये व राज्यवित्त से एक लाख 28 हजार रुपये का स्टीमेट बनाकर अमृत सरोवर का काम कराया जा रहा है। तालाब खोदाई में प्रधान की ओर से जेसीबी का प्रयोग करने की शिकायत ग्रामीणों ने की।
उपायुक्त मनरेगा ने बुधवार को तालाब खोदाई की जांच की। गड़बड़ी पाए जाने पर उन्होंने मनरेगा व राज्यवित्त के अभिलेखों को कब्जे में ले लिया। बीडीओ को मजदूरों से कराई गई खोदाई की एमबी तैयार कर 24 घंटे में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
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उपायुक्त मनरेगा हरिश्चंद्र ने बताया कि जब तक निर्माण समिति का गठन नहीं होता है, तब तक काम व भुगतान पर रोक लगाई गई है। जांच बीडीओ को सौंपी है। जांच के दौरान बीडीओ धनप्राप्त यादव, अवर अभियंता आरईएस केके दुबे मौजूद रहे।
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ब्लॉक संदलपुर के कसोलर गांव में मनरेगा से 27 लाख रुपये व राज्यवित्त से एक लाख 28 हजार रुपये का स्टीमेट बनाकर अमृत सरोवर का काम कराया जा रहा है। तालाब खोदाई में प्रधान की ओर से जेसीबी का प्रयोग करने की शिकायत ग्रामीणों ने की।
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उपायुक्त मनरेगा ने बुधवार को तालाब खोदाई की जांच की। गड़बड़ी पाए जाने पर उन्होंने मनरेगा व राज्यवित्त के अभिलेखों को कब्जे में ले लिया। बीडीओ को मजदूरों से कराई गई खोदाई की एमबी तैयार कर 24 घंटे में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
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उपायुक्त मनरेगा हरिश्चंद्र ने बताया कि जब तक निर्माण समिति का गठन नहीं होता है, तब तक काम व भुगतान पर रोक लगाई गई है। जांच बीडीओ को सौंपी है। जांच के दौरान बीडीओ धनप्राप्त यादव, अवर अभियंता आरईएस केके दुबे मौजूद रहे।