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कानपुर देहात: दीवार गिरी, मलबे में दबकर दो सगे भाइयों की मौत, सीएम को बुलाने की मांग कर ग्रामीणों ने मार्ग किया जाम
Mon, 06 Dec 2021 08:30 PM IST
कानपुर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर देहात
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Published by: कानपुर ब्यूरो
Updated Mon, 06 Dec 2021 08:30 PM IST
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मोहित व सोहित की मौत पर गमगीन बैठे परिजन। (संवाद)
- फोटो : AKBARPUR
कानपुर देहात में डेरापुर थाना क्षेत्र के अंतापुर गांव में सोमवार की सुबह स्कूल जाने की तैयारी कर रहे दो सगे भाइयों की दीवार गिरने से मलबे में दबकर मौत हो गई। चपेट में आकर चाचा गंभीर रूप से घायल हो गया।
सूचना पर एसडीएम, सीओ पुलिस बल के साथ गांव पहुंचे। पोस्टमार्टम के लिए शव भेजने की बात कहने पर ग्रामीणों ने सीएम को बुलाने की मांग कर संदलपुर-डेरापुर मार्ग जाम कर दिया। एसडीएम के समझाने पर करीब एक घंटे बाद जाम खुल सका।
इसके बाद पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। अंतापुर गांव निवासी सूरतलाल व अविवाहित छोटा भाई संतोष एक साथ रहते है। सूरतलाल की पत्नी ममता का करीब चार वर्ष पूर्व देहांत हो चुका है। सोमवार की सुबह सूरतलाल के पुत्र रोहित (14), मोहित (8) व सोहित (5) गांव स्थित परिषदीय विद्यालय में पढ़ने जाने की तैयारी कर रहे थे।
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इस दौरान गारे से जुड़ी ईंटों की दीवार पर रखे छप्पर के नीचे तीनों पुत्र व अविवाहित भाई मौजूद थे। प्यास लगने पर रोहित पानी लेने बाहर निकला तभी दीवार छप्पर समेत ढह गई। इसके मलबे में मोहित, सोहित व संतोष दब गए। यह देख रोहित ने शोर मचाया तो मोहल्ले के लोग पहुंच गए और मलबा हटाकर तीनों को बाहर निकाला।
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सूचना पर एसडीएम, सीओ पुलिस बल के साथ गांव पहुंचे। पोस्टमार्टम के लिए शव भेजने की बात कहने पर ग्रामीणों ने सीएम को बुलाने की मांग कर संदलपुर-डेरापुर मार्ग जाम कर दिया। एसडीएम के समझाने पर करीब एक घंटे बाद जाम खुल सका।
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इसके बाद पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। अंतापुर गांव निवासी सूरतलाल व अविवाहित छोटा भाई संतोष एक साथ रहते है। सूरतलाल की पत्नी ममता का करीब चार वर्ष पूर्व देहांत हो चुका है। सोमवार की सुबह सूरतलाल के पुत्र रोहित (14), मोहित (8) व सोहित (5) गांव स्थित परिषदीय विद्यालय में पढ़ने जाने की तैयारी कर रहे थे।
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इस दौरान गारे से जुड़ी ईंटों की दीवार पर रखे छप्पर के नीचे तीनों पुत्र व अविवाहित भाई मौजूद थे। प्यास लगने पर रोहित पानी लेने बाहर निकला तभी दीवार छप्पर समेत ढह गई। इसके मलबे में मोहित, सोहित व संतोष दब गए। यह देख रोहित ने शोर मचाया तो मोहल्ले के लोग पहुंच गए और मलबा हटाकर तीनों को बाहर निकाला।
इससे पहले सोहित व मोहित की मौत हो गई। संतोष गंभीर रूप से घायल हो गया। अनहोनी पर परिजनों में कोहराम मच गया। परिजन रोने बिलखने लगे। ग्रामीणों ने घायल संतोष को संदलपुर सीएचसी भेजा। वहां से उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।
जानकारी पाकर एसडीएम सिकंदरा महेंद्र सिंह, सीओ आशापाल, बीडीओ संदलपुर बीएन पाल व डेरापुर थाना प्रभारी अखिलेश जायसवाल पुलिस बल लेकर पहुंचे। पुलिस ने मासूमों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेजने का प्रयास किया तो लोग भड़क गए। सीएम को बुलाने की मांग कर हंगामा कर लोगों ने संदलपुर-डेरापुर मार्ग जाम कर दिया। एसडीएम के समझाने पर करीब एक घंटे बाद जाम खुल सका। इसके बाद पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
जानकारी पाकर एसडीएम सिकंदरा महेंद्र सिंह, सीओ आशापाल, बीडीओ संदलपुर बीएन पाल व डेरापुर थाना प्रभारी अखिलेश जायसवाल पुलिस बल लेकर पहुंचे। पुलिस ने मासूमों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेजने का प्रयास किया तो लोग भड़क गए। सीएम को बुलाने की मांग कर हंगामा कर लोगों ने संदलपुर-डेरापुर मार्ग जाम कर दिया। एसडीएम के समझाने पर करीब एक घंटे बाद जाम खुल सका। इसके बाद पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।