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सौर ऊर्जा का उपयोग सीखने बैरी पहुंचा जापानियों का दल
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बैरी के रेडियो स्टेशन को देखते जापानी दल के लोग।
- फोटो : AKBARPUR
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शिवली (कानपुर देहात)। जापान सौर ऊर्जा का उपयोग अपने देश में बढ़ाने के लिए भारत से सीख ले रहा है। गुरुवार को सौर ऊर्जा से संचालित रेडियो स्टेशन वक्त की आवाज का अवलोकन किया। सौर ऊर्जा से रेडियो स्टेशन के संचालन को देखा।
गुरुवार दोपहर आईआईटी कानपुर में एक समारोह में शिरकत करने आए जापानियों का एक दल बैरी में सौर ऊर्जा से संचालित रेडियो स्टेशन वक्त की आवाज पहुंचा। टोक्यो यूनिवर्सिटी के पर्यावरण विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर ग्रेगोरी ट्रेंचर, डॉ. हासेगावा कोइची, रिसर्च फैलो अतुशी नोजावा, रिसर्च फैलो केइची सतोह और सोपिया यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर केइको हिराव ने रेडियो स्टेशन के सौर ऊर्जा से संचालन के बारे में जानकारी ली। प्रसारित कार्यक्रमों के बारे में रेडियो की समन्वयक राधा शुक्ला से जानकारी ली।
इस मौके पर राजश्री शुक्ला, भावना जोशी, अविरल कुमार, हरेंद्र, हरी पांडेय, करिश्मा, मानसी मौजूद रहे। जापानियों ने भारतीय संस्कृति की प्रशंसा की। ग्रेगरी ट्रेचर, केइको हिराव ने कहा भारतीय जिंदादिल लोग हैं। उनको भारतीय अच्छे लगते हैं। सुनामी आने के समय परमाणु ऊर्जा केंद्र में रिसाव के बाद उनके देश का ध्यान सौर ऊर्जा की तरफ गया है।
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गुरुवार दोपहर आईआईटी कानपुर में एक समारोह में शिरकत करने आए जापानियों का एक दल बैरी में सौर ऊर्जा से संचालित रेडियो स्टेशन वक्त की आवाज पहुंचा। टोक्यो यूनिवर्सिटी के पर्यावरण विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर ग्रेगोरी ट्रेंचर, डॉ. हासेगावा कोइची, रिसर्च फैलो अतुशी नोजावा, रिसर्च फैलो केइची सतोह और सोपिया यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर केइको हिराव ने रेडियो स्टेशन के सौर ऊर्जा से संचालन के बारे में जानकारी ली। प्रसारित कार्यक्रमों के बारे में रेडियो की समन्वयक राधा शुक्ला से जानकारी ली।
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इस मौके पर राजश्री शुक्ला, भावना जोशी, अविरल कुमार, हरेंद्र, हरी पांडेय, करिश्मा, मानसी मौजूद रहे। जापानियों ने भारतीय संस्कृति की प्रशंसा की। ग्रेगरी ट्रेचर, केइको हिराव ने कहा भारतीय जिंदादिल लोग हैं। उनको भारतीय अच्छे लगते हैं। सुनामी आने के समय परमाणु ऊर्जा केंद्र में रिसाव के बाद उनके देश का ध्यान सौर ऊर्जा की तरफ गया है।
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