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वसूली से आजिज आकर देवर ने की थी भाभी की हत्या
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हत्यारोपी रविशंकर उर्फ रवि।
- फोटो : AKBARPUR
कानपुर देहात : बरौर के बरगवां गांव निवासी महिला की हत्या देवर ने ही की थी। इसके बाद शव बाजरे के खेत में छिपाकर भाग गया था। पांच माह पहले महिला का कंकाल मिला था। बाद में कपड़ों से उसकी शिनाख्त हुई थी। आरोपी का कहना है कि पुराने मुकदमे में फंसाने की धमकी देकर भाभी रुपये वसूल थी। इससे आजिज होकर कुल्हाड़ी से काटकर हत्या। बुधवार को पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर घटना का पर्दाफाश कर दिया। कुल्हाड़ी भी बरामद कर ली गई है।
डेरापुर थाना क्षेत्र के आशापुरवा के पास बाजरे के खेत में 3 अक्टूबर 2019 को महिला का कंकाल मिला था। कपड़ों से उसकी शिनाख्त बरगवां, बरौर निवासी रजनी पत्नी छोटे लाल के रूप में हुई थी। रहनियापुर, अकबरपुर निवासी मां रामप्यारी ने पुत्री रजनी की हत्या कर शव छिपाने का शक बरगवां निवासी ससुरालियों पर लगाया था। हालांकि तहरीर में किसी का नाम नहीं खोला था। इसलिए अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई थी। सर्विलांस और पुलिस की तफ्तीश में सामने आया कि मृतका के मोबाइल से 15 दिन अन्य नंबरों पर बात की गई है। मृतका का मोबाइल देवर रवि शंकर उर्फ रवि द्वारा प्रयोग करने की जानकारी मिली। रवि शंकर और रजनी के मोबाइल की लोकेशन भी बाजरे के खेत के पास मिली। इस पर पुलिस ने देवर की तलाश शुरू की थी। एसपी अनुराग वत्स ने बताया कि बुधवार सुबह प्रभारी निरीक्षक डेरापुर नीरज कुमार यादव व दिग्विजय सिंह ने कानपुर-इटावा हाईवे पर बरगवां संपर्क मार्ग से रवि शंकर को दबोच लिया। पूछताछ में उसने भाभी रजनी की हत्या करने की बात मानी। उसने बताया कि कुल्हाड़ी से कई वार कर भाभी को मौत के घाट उतार दिया था। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने बंद पुलिया से कुल्हाड़ी बरामद कर ली। आरोपी को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेजा गया है।
देवर से हुई थी रजनी की दूसरी शादी
रजनी की पहली शादी श्रीबाबू से हुई थी। कुछ समय बाद श्रीबाबू की मौत पर रजनी की शादी देवर छोटेलाल से कर दी गई थी। गाजियाबाद में प्राइवेट नौकरी करने की वजह से छोटेलाल कम ही गांव आ पाता था। एसओ नीरज कुमार यादव ने बताया कि रजनी ज्यादातर अकेली ही गांव में रहती थी। उसके संपर्क में कुछ युवक थे। अन्य युवकों से बातचीत करने का विरोध देवर रविशंकर करता था।
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रवि शंकर पर दर्ज कराई थी रिपोर्ट
हत्यारोपी रविशंकर ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि भाभी रजनी ने छोटी बहन को बहलाकर ले जाने में उसे नामजद किया था। हालांकि पुलिस जांच में अंतिम रिपोर्ट लग गई थी। भाभी अपनी बहन के बयान कोर्ट में बदलवाकर फिर से फंसाने की धमकी देकर हर माह रुपये वसूलती थी। उसने बताया कि गाजियाबाद में डेढ़ वर्ष तक प्राइवेट नौकरी की और सारा पैसा रजनी को देता रहा। इसके बाद भी वह धमकी देती रहती थी। वसूली से वह कर्जदार तक हो गया। वसूली के लिए धमकी से आजिज आकर उसकी हत्या की।
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डेरापुर थाना क्षेत्र के आशापुरवा के पास बाजरे के खेत में 3 अक्टूबर 2019 को महिला का कंकाल मिला था। कपड़ों से उसकी शिनाख्त बरगवां, बरौर निवासी रजनी पत्नी छोटे लाल के रूप में हुई थी। रहनियापुर, अकबरपुर निवासी मां रामप्यारी ने पुत्री रजनी की हत्या कर शव छिपाने का शक बरगवां निवासी ससुरालियों पर लगाया था। हालांकि तहरीर में किसी का नाम नहीं खोला था। इसलिए अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई थी। सर्विलांस और पुलिस की तफ्तीश में सामने आया कि मृतका के मोबाइल से 15 दिन अन्य नंबरों पर बात की गई है। मृतका का मोबाइल देवर रवि शंकर उर्फ रवि द्वारा प्रयोग करने की जानकारी मिली। रवि शंकर और रजनी के मोबाइल की लोकेशन भी बाजरे के खेत के पास मिली। इस पर पुलिस ने देवर की तलाश शुरू की थी। एसपी अनुराग वत्स ने बताया कि बुधवार सुबह प्रभारी निरीक्षक डेरापुर नीरज कुमार यादव व दिग्विजय सिंह ने कानपुर-इटावा हाईवे पर बरगवां संपर्क मार्ग से रवि शंकर को दबोच लिया। पूछताछ में उसने भाभी रजनी की हत्या करने की बात मानी। उसने बताया कि कुल्हाड़ी से कई वार कर भाभी को मौत के घाट उतार दिया था। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने बंद पुलिया से कुल्हाड़ी बरामद कर ली। आरोपी को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेजा गया है।
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देवर से हुई थी रजनी की दूसरी शादी
रजनी की पहली शादी श्रीबाबू से हुई थी। कुछ समय बाद श्रीबाबू की मौत पर रजनी की शादी देवर छोटेलाल से कर दी गई थी। गाजियाबाद में प्राइवेट नौकरी करने की वजह से छोटेलाल कम ही गांव आ पाता था। एसओ नीरज कुमार यादव ने बताया कि रजनी ज्यादातर अकेली ही गांव में रहती थी। उसके संपर्क में कुछ युवक थे। अन्य युवकों से बातचीत करने का विरोध देवर रविशंकर करता था।
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रवि शंकर पर दर्ज कराई थी रिपोर्ट
हत्यारोपी रविशंकर ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि भाभी रजनी ने छोटी बहन को बहलाकर ले जाने में उसे नामजद किया था। हालांकि पुलिस जांच में अंतिम रिपोर्ट लग गई थी। भाभी अपनी बहन के बयान कोर्ट में बदलवाकर फिर से फंसाने की धमकी देकर हर माह रुपये वसूलती थी। उसने बताया कि गाजियाबाद में डेढ़ वर्ष तक प्राइवेट नौकरी की और सारा पैसा रजनी को देता रहा। इसके बाद भी वह धमकी देती रहती थी। वसूली से वह कर्जदार तक हो गया। वसूली के लिए धमकी से आजिज आकर उसकी हत्या की।