कानपुर देहात/शिवली। मैथा तहसील क्षेत्र का अनूपपुर गांव देश का पहला जैव संवर्धित गांव बना है, पूरे देश को कुपोषण से लड़ने की राह दिखाएगा। इसकी घोषणा सोमवार को सीएसए के कुलपति डॉ. डीआर सिंह ने गांव में कार्यक्रम के दौरान की। अब गांव में पोषक तत्वों से भरपूर फसलें कराई जाएंगी ताकि कुपोषण से मुक्ति पाई जा सके।
चंद्रशेखर आजाद कृषि विश्वविद्यालय कानपुर के कुलपति डॉ. डीआर सिंह ने कहा कि अनूपपुर गांव समूचे देश को कुपोषण से लड़ने की राह दिखाएगा। आज के युग में स्वस्थ रहना बड़ी चुनौती है। कुपोषण से गांव के बच्चों का विकास थम गया है। अनूपपुर के ग्रामीण व कृषि वैज्ञानिक मिलकर अनाज, फल व सब्जियों की ऐसी फसल तैयार करेंगे, जिसमें पोषक तत्वों की पर्याप्त मात्रा होगी। इन फसलों से होनी वाली उपज को खाने के बाद गांव के लोग स्वस्थ होंगे और कुपोषण से मुक्ति पाएंगे। इसके अलावा गांव के किसानों की आमदनी चार गुना बढ़ाने का भी प्रयास किया जाएगा। निदेशक प्रसार डॉ. धूम सिंह ने कहा कि चयन के लिए चार माह से प्रयास चल रहा था। अतिरिक्त निदेशक प्रसार डॉ. अरविंद कुमार सिंह ने कहा सभी घरों में पोषक वाटिका से ताजी सब्जियां व फल मिलेंगे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. विजय कुमार यादव ने किया। कार्यक्रम के दौरान जैव संवर्धित गांव अवधारणा नामक पुस्तिका का भी विमोचन किया। कुलपति ने गांव के पांच स्वयं सहायता समूहों को पांच हजार रुपये देने की घोषणा की। इस मौके पर निदेशक शोध डॉ. एचजी प्रकाश, डॉ. खलील खान, केवीके के अध्यक्ष डॉ. अशोक कुमार, रामाशीष यादव, श्वेता आदि मौजूद रहे।