कानपुर देहात। अब मनरेगा से इंटरलॉकिंग सड़कें नहीं बनाई जाएंगी। वहीं स्वीकृति हुई सड़कों के निर्माण पर रोक लगा दी गई है। साथ ही ऐसे प्रस्ताव न बनाने के निर्देश दिए गए हैं। मनरेगा की धनराशि पंचायत भवन, आंगनबाड़ी केंद्र के निर्माण व अधिक लोगों को स्वरोजगार देने की योजना पर खर्च की जाएगी।
ग्राम पंचायतों में अभी तक मनरेगा से गलियों में इंटरलॉकिंग कराया जा रहा था। हर गांवों में इंटरलॉकिंग के काम पर प्रधान भी फोकस कर रहे थे। इससे मनरेगा की धनराशि सड़क निर्माण में ही खर्च हो रही थी। साथ ही श्रम व सामग्री का 60-40 का अनुपात भी गड़बड़ा रहा था। इससे अन्य विकास कार्य प्रभावित हो रहे थे। तीन अक्तूबर को अपर आयुक्त मनरेगा ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान इंटरलॉकिंग के कार्यों को प्राथमिकता दिए जाने पर नाराजगी जताई थी। उन्होंने इंटरलॉकिंग कार्य स्वीकृत न करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद हरकत में आए उपायुक्त श्रम रोजगार मनरेगा हरिश्चंद्र ने सभी बीडीओ को पत्र जारी किया है। उन्होंने कहा कि अपर आयुक्त के निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन करते हुए इंटरलॉकिंग की स्वीकृति न की जाए। साथ ही पुराने प्रस्तावों को रद्द करने के साथ स्वीकृति हुए कार्यों पर निर्माण कार्य न कराने के लिए भी कहा गया है श्रम व सामग्री के लिए निर्धारित 60-40 के अनुपात का पालन करने पर जोर दिया गया है। अब ग्राम पंचायतों में मनरेगा से सड़क निर्माण की स्वीकृति नहीं मिलेगी।