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कानपुर देहात : नव नियुक्त पीठासीन अधिकारी ने देखी बेहमई कांड की पत्रावली, अब 18 जुलाई को सुनवाई
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कानपुर देहात। सन 1981 में हुए बेहमई कांड की सुनवाई एंटी डकैती कोर्ट में चल रही है। नवनियुक्त पीठासीन अधिकारी के सामने सोमवार को मामले की पहली पेशी हुई। कोर्ट ने पत्रावली का अवलोकन कर सुनवाई की अगली तारीख 18 जुलाई तय की है।
बेहमई गांव में फूलन देवी ने 14 फरवरी 1981 को साथियों के साथ मिलकर 20 लोगों को हत्या कर दी थी। वहीं छह लोग घायल हो गए थे। मामले में गांव के राजा राम सिंह ने फूलन देवी और उसके साथी डकैतों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
मुकदमे की सुनवाई के दौरान घटना के वादी व गवाह समेत अधिकांश आरोपियों की मौत हो चुकी है। मामले की सुनवाई एंटी डकैती कोर्ट में चल रही है। सोमवार को नवनियुक्त पीठासीन अधिकारी चंद्रमणि मिश्रा की अदालत के सामने पहली बार सुनवाई हुई।
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बचाव पक्ष के अधिवक्ता गिरीश नारायण दुबे ने बताया कि कोर्ट ने पत्रावली का अवलोकन किया। साथ ही दोनों पक्षों से मामले की जानकारी लेकर सुनवाई के लिए अगली तारीख 18 जुलाई तय की। इस दौरान विश्वनाथ व श्यामबाबू कोर्ट में उपस्थित रहे। वहीं पोसा जेल में बंद हैं। अत्यधिक वृद्ध व बीमार होने के कारण उसे कोर्ट नहीं लाया जा रहा है।
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बेहमई गांव में फूलन देवी ने 14 फरवरी 1981 को साथियों के साथ मिलकर 20 लोगों को हत्या कर दी थी। वहीं छह लोग घायल हो गए थे। मामले में गांव के राजा राम सिंह ने फूलन देवी और उसके साथी डकैतों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
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मुकदमे की सुनवाई के दौरान घटना के वादी व गवाह समेत अधिकांश आरोपियों की मौत हो चुकी है। मामले की सुनवाई एंटी डकैती कोर्ट में चल रही है। सोमवार को नवनियुक्त पीठासीन अधिकारी चंद्रमणि मिश्रा की अदालत के सामने पहली बार सुनवाई हुई।
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बचाव पक्ष के अधिवक्ता गिरीश नारायण दुबे ने बताया कि कोर्ट ने पत्रावली का अवलोकन किया। साथ ही दोनों पक्षों से मामले की जानकारी लेकर सुनवाई के लिए अगली तारीख 18 जुलाई तय की। इस दौरान विश्वनाथ व श्यामबाबू कोर्ट में उपस्थित रहे। वहीं पोसा जेल में बंद हैं। अत्यधिक वृद्ध व बीमार होने के कारण उसे कोर्ट नहीं लाया जा रहा है।