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kanpur dehat : बेहमई कांड में बचाव पक्ष ने दोहराई पत्रावली में शिनाख्त मेमो नहीं होने की बात, सुनवाई 22 को

Tue, 09 Aug 2022 01:54 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 09 Aug 2022 01:54 AM IST
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kanpur dehat: In the Behmai case, the defense reiterated that there was no identification memo in the letter, hearing on 22
कानपुर देहात। बेहमई कांड की सुनवाई के दौरान सोमवार को बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने बहस करते हुए पत्रावली में कई आरोपियों के शिनाख्त मेमो नहीं होने की बात कोर्ट में दोहराई। इसके साथ ही कुछ आरोप पत्र भी नहीं होने की बात कही। इस पर कोर्ट ने बहस के लिए 22 अगस्त की तारीख तय की है।
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बेहमई गांव में फूलन देवी ने साथियों के साथ मिलकर 14 फरवरी 1981 को 20 लोगों की हत्या कर दी थी। इस दौरान कई लोग घायल हो गए थे। मामले में गांव के राजा राम सिंह ने फूलन देवी व उसके साथी डकैतों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
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मुकदमे की सुनवाई के दौरान घटना के वादी व गवाह समेत अधिकांश आरोपियों की मौत हो चुकी है। केस की सुनवाई एंटी डकैती कोर्ट चंद्रमणि मिश्रा की अदालत में चल रही है।
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सोमवार को बचाव पक्ष के अधिवक्ता गिरीश नारायण दुबे ने कोर्ट को बताया कि मामले में पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी कर उनकी शिनाख्त कार्यवाही के शिनाख्त मेमो तैयार किए थे।

उनमें से कई शिनाख्त मेमो पत्रावली में नहीं हैं। कुछ आरोप पत्र भी पत्रावली में नहीं है। सुनवाई के दौरान आरोपी विश्वनाथ व श्यामबाबू कोर्ट में मौजूद रहे। वहीं, जेल में बंद पोसा को बीमार के चलते कोर्ट नहीं लाया गया।
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