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कानपुर देहात ः 12 घंटे में 127.6 मिमी बारिश में किसानों के अरमान धुले
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झींझक में बारिश से गिरी धान की फसल। संवाद
- फोटो : AKBARPUR
कानपुर देहात। दो दिन से हो रही बारिश किसानों पर कहर बनकर टूट रही है। रविवार को हुए नुकसान का झटका किसान बर्दाश्त भी नहीं कर पाए कि सोमवार रात में फिर तेज हवाओं के साथ जोरदार बारिश हुई।
इससे धान की फसल पूरी तरह से खेत में गिर गई। वहीं लाही, आलू की फसल में पानी भर गया। मौसम विभाग के अनुसार सोमवार रात से मंगलवार की सुबह तक 127.6 मिलीमीटर बारिश हुई है।
दो दिन से हुई बारिश में किसानों की कमर टूट गई है। जिले में करीब सवा लाख हेक्टेयर में तैयार धान की फसल को बड़ा नुकसान हुआ है। तैयार खड़ी फसल खेतों में गिर गई। किसानों का कहना है कि इससे दाना खराब होगा। पैदावार प्रभावित होगी।
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वहीं एक अनुमान के मुताबिक दस फीसदी फसल खेतों कटी पड़ी है। उसमें भी पानी भरने से सड़ने की संभावना हो गई है। लाही व आलू की बुआई करने वाले किसानों को भी नुकसान हुआ है।
बारिश से एक या दो दिन पहले बोई गई लाही व सरसों की फसल का जमाव न होने की आशंका से किसान परेशान हैं। वहीं एक सप्ताह पहले बोई गई फसल में पानी भरने से सड़ कर खराब होने की आशंका बनी है। किसानों को फसल बचाने का कोई उपाय नहीं सूझ रहा है।
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इससे धान की फसल पूरी तरह से खेत में गिर गई। वहीं लाही, आलू की फसल में पानी भर गया। मौसम विभाग के अनुसार सोमवार रात से मंगलवार की सुबह तक 127.6 मिलीमीटर बारिश हुई है।
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दो दिन से हुई बारिश में किसानों की कमर टूट गई है। जिले में करीब सवा लाख हेक्टेयर में तैयार धान की फसल को बड़ा नुकसान हुआ है। तैयार खड़ी फसल खेतों में गिर गई। किसानों का कहना है कि इससे दाना खराब होगा। पैदावार प्रभावित होगी।
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वहीं एक अनुमान के मुताबिक दस फीसदी फसल खेतों कटी पड़ी है। उसमें भी पानी भरने से सड़ने की संभावना हो गई है। लाही व आलू की बुआई करने वाले किसानों को भी नुकसान हुआ है।
बारिश से एक या दो दिन पहले बोई गई लाही व सरसों की फसल का जमाव न होने की आशंका से किसान परेशान हैं। वहीं एक सप्ताह पहले बोई गई फसल में पानी भरने से सड़ कर खराब होने की आशंका बनी है। किसानों को फसल बचाने का कोई उपाय नहीं सूझ रहा है।