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Kanpur News: गर्मी में हरा चारा हुआ जहरीला, खाने से तीन मवेशियों की मौत, आठ बीमार

Mon, 12 Jun 2023 01:48 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Mon, 12 Jun 2023 01:48 AM IST
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Kanpur Dehat : Green fodder becomes poisonous in summer, three cattle die, eight sick
कानपुर देहात। भीषण गर्मी से सट्टी के स्वरूपपुर में हरा चारा जहरीला हो गया। खेत में यह हरा चारा खाने के बाद कई मवेशियों की हालत बिगड़ गई। तालाब के पास पहुंचने पर तीन मवेशियों की मौत हो गई। जबकि पशु चिकित्सकों ने उपचार कर आठ मवेशियों को बचा लिया।
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भीषण गर्मी में सिंचाई नहीं होने की वजह से हरा चारा जहरीला हो जाता है। पशुपालक यदि इसका ध्यान नहीं रखते हैं तो यह चारा खाने से मवेशियों की मौत हो जाती है। सट्टी के कथरी निवासी खुशी राम व चंद्रपाल रविवार को मवेशी चराने नजदीक के स्वरूपपुर गांव गए थे।
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वहां घनश्याम के खेत में चरी लगी देख इसे चरने के लिए मवेशियों को छोड़ दिया। यह चरी खाने के बाद मवेशियों की हालत बिगड़ने लगी तो पशुपालक उन्हें हांक कर नजदीक के तालाब में पानी पिलाने ले जाने लगे।
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तालाब तक पहुंचने से पहले ही खुशीराम की तीन पड़िया ने दम तोड़ दिया। इस पर सूचना शाहजहांपुर पशु अस्पताल में दी गई। मौके पर पशुचिकित्सक डॉ. सुभाषिनी, फार्मासिस्ट उमेश सचान, पैरावेट रामू, सरोज व राजेश आदि पहुंचे और मवेशियों का उपचार किया। पशुचिकित्सक ने बताया कि सही समय पर इलाज मिलने से आठ मवेशी बच गए। उन्होंने बताया कि पानी की कमी की वजह से हरा चारा जहरीला हो जाता है।

जानें क्यों जहरीला हो जाता हरा चारा
कृषि विज्ञान केंद्र के कृषि वैज्ञानिक डॉ. खलील खान ने बताया कि गर्मी में पशुओं के लिए हरे चारे की व्यवस्था करना बड़ी चुनौती है। मार्च अप्रैल में बोई चरी पानी के अभाव में कई बार जहरीली हो जाती है। चरी में प्रूसिक एसिड विषैला पदार्थ पाया जाता है। छोटी अवस्था में इसे नहीं खिलाना चाहिए। पानी की कमी से प्रभावित चरी कतई न खिलाएं।


चारे की कटाई सुबह और शाम को करें। इसे अधिक देर तक न रखें। हरा चारा काटने के बाद भूसा मिलाकर छांव में डालकर मवेशी को दें। ज्वार में हाइड्रोसाइनिक एसिड, बाजरा व संकर नेपियर घास में आक्जैलिक एसिड विषैला पदार्थ होता है। गर्मी में पानी की कमी से यह विषैले पदार्थ मवेशियों के लिए खतरा हैं। चारे में हल्की सिंचाई करते रहें, इससे नमी बनी रखती है और चारा जहरीला नहीं हो पाता।
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