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कानपुर देहात : सिंगापुर में डॉ. गणेश को स्वर्ण पदक, नैनो इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस बनाने पर किया गया सम्मानित
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सिंगापुर में सामग्री अनुसंधान सोसायटी का स्वर्ण पदक मिलने के बाद माता-पिता के साथ गणेशजी ओमर। (सं
- फोटो : AKBARPUR
रसूलाबाद (कानपुर देहात)। लोहिया नगर निवासी डॉ. गणेश ने सिंगापुर में भी जिले का नाम रोशन कर दिया। उन्होंने सिंगापुर राष्ट्रीय विश्वविद्यालय से भौतिक विज्ञान में पीएचडी की और शोध में नैनो इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस विकसित की जो जीपीएस ट्रैकिंग के लिए उपयोगी है।
इसके लिए उन्हें सिंगापुर की सामग्री अनुसंधान सोसाइटी की ओर से स्वर्ण पदक दिया गया। घर वापस आने पर उनकी इस सफलता से परिजनों और मित्रों ने खुशी जताई है। लोहिया नगर निवासी अनिल कुमार ओमर आयुर्वेदिक उत्पाद के व्यवसायी हैं।
उनके छोटे पुत्र डॉ. गणेश जी ओमर ने आईआईएसईआर भोपाल से बीएसएमएस की डिग्री हासिल की। इसके बाद वह भौतिक विज्ञान में पीएचडी के लिए वर्ष 2017 में सिंगापुर चले गए। 2021 में शोध पूरा करने पर डॉक्टरेट की उपाधि दी गई। अपने शोध में उन्होंने नैनो इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस विकसित की।
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जीपीएस ट्रैकिंग सहित अन्य बहुउपयोगी तकनीकी में उनके शोध को सराहा गया। उन्हें इस उपलब्धि के लिए सिंगापुर की सामग्री अनुसंधान सोसाइटी की ओर से 10 नवंबर 2021 को स्वर्ण पदक दिया गया था। मौजूदा समय में डॉ. गणेश जी ओमर बतौर वैज्ञानिक सिंगापुर के राष्ट्रीय विश्वविद्यालय में तैनात हैं।
घर लौटे डॉ. गणेश ने इसकी जानकारी परिजनों को दी तो पिता अनिल, मां रेखा ओमर, बड़े भाई डॉ. पदम जी ओमर व दोस्तों ने खुशी जताई है। बता दें कि डॉ. गणेश ओमर की प्रारंभिक शिक्षा रसूलाबाद के सरस्वती ज्ञान मंदिर में हुई। कानपुर के पं. दीनदयाल उपाध्याय सनातन धर्म विद्यालय से इंटरमीडिएट किया।
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इसके लिए उन्हें सिंगापुर की सामग्री अनुसंधान सोसाइटी की ओर से स्वर्ण पदक दिया गया। घर वापस आने पर उनकी इस सफलता से परिजनों और मित्रों ने खुशी जताई है। लोहिया नगर निवासी अनिल कुमार ओमर आयुर्वेदिक उत्पाद के व्यवसायी हैं।
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उनके छोटे पुत्र डॉ. गणेश जी ओमर ने आईआईएसईआर भोपाल से बीएसएमएस की डिग्री हासिल की। इसके बाद वह भौतिक विज्ञान में पीएचडी के लिए वर्ष 2017 में सिंगापुर चले गए। 2021 में शोध पूरा करने पर डॉक्टरेट की उपाधि दी गई। अपने शोध में उन्होंने नैनो इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस विकसित की।
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जीपीएस ट्रैकिंग सहित अन्य बहुउपयोगी तकनीकी में उनके शोध को सराहा गया। उन्हें इस उपलब्धि के लिए सिंगापुर की सामग्री अनुसंधान सोसाइटी की ओर से 10 नवंबर 2021 को स्वर्ण पदक दिया गया था। मौजूदा समय में डॉ. गणेश जी ओमर बतौर वैज्ञानिक सिंगापुर के राष्ट्रीय विश्वविद्यालय में तैनात हैं।
घर लौटे डॉ. गणेश ने इसकी जानकारी परिजनों को दी तो पिता अनिल, मां रेखा ओमर, बड़े भाई डॉ. पदम जी ओमर व दोस्तों ने खुशी जताई है। बता दें कि डॉ. गणेश ओमर की प्रारंभिक शिक्षा रसूलाबाद के सरस्वती ज्ञान मंदिर में हुई। कानपुर के पं. दीनदयाल उपाध्याय सनातन धर्म विद्यालय से इंटरमीडिएट किया।