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Kanpur Dehat : मारग मैथा गांव में बुखार व पेट दर्द से युवती की मौत, अभी बुखार की चपेट में कई और लोग
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गारब मैथा में दवा का वितरण करती स्वास्थ्य टीम। संवाद
- फोटो : AKBARPUR
शिवली। मारग मैथा गांव निवासी एक युवती की सोमवार को बुखार व पेट दर्द के चलते कानपुर के एक अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। हालांकि पीएचसी के डॉक्टर पेशाब बंद होने व पीलिया से मौत होने की बात कह रहे हैं।
मारग मैथा गांव निवासी भगवान दास की छोटी बेटी कोमल (20) को एक सप्ताह से तेज बुखार आ रहा था। रविवार रात पेट दर्द के साथ पेशाब रुकने की समस्या हुई। भाई राहुल गुप्ता ने बताया कि बुखार व पेट दर्द बढ़ने पर उसे इलाज के लिए कानपुर नगर के एक निजी अस्पताल ले गए।
सोमवार की सुबह वहां उसकी मौत हो गई। वहीं, पीएचसी के चिकित्सा प्रभारी डॉ. सिद्धार्थ पाठक ने बताया कि जानकारी पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कोमल के घर जाकर जांच की। उसे बुखार नहीं आ रहा था। रविवार को पेशाब रुकने पर परिजन इलाज के लिए अस्पताल ले गए थे।
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उधर, गांव निवासी विनोद शर्मा, उनका बेटा हर्षित व बेटी शिप्रा बुखार के चलते कानपुर नगर के एक अस्पताल में इलाज करा रहे हैं। गांव निवासी संदीप व नारेपुरवा के शिवम ने बुखार आने पर पीएचसी जाकर चिकित्सक से परामर्श व दवाएं लीं।
गारब में मिले बुखार के पांच नए मरीज
गारब मैथा गांव में सोमवार को पीएचसी के चिकित्सकों ने टीम के साथ कैंप लगाकर मरीजों का उपचार किया। यहां बुखार पीड़ित पांच व सामान्य रोगों के 21 मरीजों ने उपचार कराया।
बुखार के रोगियों की मलेरिया जांच कराई गई, जो निगेटिव आई है। इस दौरान डॉ. प्रशांत पांडेय, विजय लक्ष्मी, रवि यादव मौजूद रहे। वहीं, मलेरिया अधिकारी मारुति दीक्षित ने गांव में कीटनाशक का छिड़काव कराया।
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मारग मैथा गांव निवासी भगवान दास की छोटी बेटी कोमल (20) को एक सप्ताह से तेज बुखार आ रहा था। रविवार रात पेट दर्द के साथ पेशाब रुकने की समस्या हुई। भाई राहुल गुप्ता ने बताया कि बुखार व पेट दर्द बढ़ने पर उसे इलाज के लिए कानपुर नगर के एक निजी अस्पताल ले गए।
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सोमवार की सुबह वहां उसकी मौत हो गई। वहीं, पीएचसी के चिकित्सा प्रभारी डॉ. सिद्धार्थ पाठक ने बताया कि जानकारी पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कोमल के घर जाकर जांच की। उसे बुखार नहीं आ रहा था। रविवार को पेशाब रुकने पर परिजन इलाज के लिए अस्पताल ले गए थे।
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उधर, गांव निवासी विनोद शर्मा, उनका बेटा हर्षित व बेटी शिप्रा बुखार के चलते कानपुर नगर के एक अस्पताल में इलाज करा रहे हैं। गांव निवासी संदीप व नारेपुरवा के शिवम ने बुखार आने पर पीएचसी जाकर चिकित्सक से परामर्श व दवाएं लीं।
गारब में मिले बुखार के पांच नए मरीज
गारब मैथा गांव में सोमवार को पीएचसी के चिकित्सकों ने टीम के साथ कैंप लगाकर मरीजों का उपचार किया। यहां बुखार पीड़ित पांच व सामान्य रोगों के 21 मरीजों ने उपचार कराया।
बुखार के रोगियों की मलेरिया जांच कराई गई, जो निगेटिव आई है। इस दौरान डॉ. प्रशांत पांडेय, विजय लक्ष्मी, रवि यादव मौजूद रहे। वहीं, मलेरिया अधिकारी मारुति दीक्षित ने गांव में कीटनाशक का छिड़काव कराया।