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कानपुर देहात : युवती से मारपीट के मामले में चार लोगों को तीन वर्ष की कैद
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कानपुर देहात। युवती से मारपीट के मामले में चार अभियुक्तों को कोर्ट ने दोषी पाया है। शनिवार को उन्हेें तीन साल की सजा सुनाई गई है। सजेती के बरीपाल गांव में सात जुलाई 2012 को दशरथ की पुत्री रिचा को गांव के सुशील कुमार, विनोद कुमार, मनोज कुमार, कन्हैया उर्फ प्रकाश चंद ने पीट दिया था।
मामले में रिचा के बाबा जगदंबा प्रसाद ने चारों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने सभी के खिलाफ आरोप पत्र सीजेएम कोर्ट में दाखिल किया था। वहीं, सीजेएम ने सभी आरोपियों को 27 सितंबर 2018 दोषमुक्त कर दिया था।
इस पर रिचा ने आदेश के खिलाफ अपील दाखिल की थी। इसकी सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम सुनील कुमार यादव की अदालत में चल रही थी। शनिवार को सुनवाई के दौरान सहायक शासकीय अधिवक्ता डॉ. विजय सिंह व अजय त्रिपाठी ने अदालत के सामने तर्क रखे कि निचली अदालत ने वादी समेत पीड़िता के बयान व मेडिकल रिपोर्ट की अनदेखी की।
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दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने सीजेएम के आदेश को निरस्त कर दिया। साथ ही चारों आरोपियों को तीन वर्ष के कारावास व प्रत्येक पर छह हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। सहायक शासकीय अधिवक्ता डॉ विजय सिंह व अजय त्रिपाठी ने बताया कि अर्थदंड अदा न करने पर एक माह का अतिरिक्त कारावास काटना होगा।
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मामले में रिचा के बाबा जगदंबा प्रसाद ने चारों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने सभी के खिलाफ आरोप पत्र सीजेएम कोर्ट में दाखिल किया था। वहीं, सीजेएम ने सभी आरोपियों को 27 सितंबर 2018 दोषमुक्त कर दिया था।
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इस पर रिचा ने आदेश के खिलाफ अपील दाखिल की थी। इसकी सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम सुनील कुमार यादव की अदालत में चल रही थी। शनिवार को सुनवाई के दौरान सहायक शासकीय अधिवक्ता डॉ. विजय सिंह व अजय त्रिपाठी ने अदालत के सामने तर्क रखे कि निचली अदालत ने वादी समेत पीड़िता के बयान व मेडिकल रिपोर्ट की अनदेखी की।
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दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने सीजेएम के आदेश को निरस्त कर दिया। साथ ही चारों आरोपियों को तीन वर्ष के कारावास व प्रत्येक पर छह हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। सहायक शासकीय अधिवक्ता डॉ विजय सिंह व अजय त्रिपाठी ने बताया कि अर्थदंड अदा न करने पर एक माह का अतिरिक्त कारावास काटना होगा।