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आनलाइन होंगे परीक्षा केंद्र, बोर्ड भी कर सकेगा निगरानी
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कानपुर देहात। बोर्ड परीक्षा के केंद्र निर्धारण में इस बार नई प्रक्रिया अपनाई गई है। इंटरनेट कनेक्शन से सीसीटीवी कैमरे जोड़े जाएंगे। इससे प्रयागराज स्थित परिषद कार्यालय और जिले के अधिकारी अपने दफ्तरों में बैठकर परीक्षा की गतिविधियां देख सकेंगे।
नकलविहीन परीक्षा कराने को लेकर माध्यमिक शिक्षा परिषद लगातार शिकंजा कसता जा रहा है। प्रदेश में भाजपा सरकार आते ही पहली बार प्रत्येक कक्ष में एक कैमरा लगाकर परीक्षा कराई गई थी। इसके बाद वर्ष 2018-19 की परीक्षा में प्रत्येक कक्ष में दो कैमरे और एक वाइस रिकार्डर लगाकर परीक्षा कराई गई। अब हर केंद्र में इंटरनेट कनेक्शन और अन्य उपकरण की उपलब्धता के बारे में जानकारी मांगी गई है।
केंद्र बनाने में इंटरनेट कनेक्शन वाले कालेजों को प्राथमिकता दी जाएगी। केंद्र निर्धारण की सूचनाओं में चाहरदीवारी अग्निशमन यंत्र, बिजली कनेक्शन, जनरेटर, शौचालय, प्रश्नपत्रों के रखरखाव के लिए अलमारी, कक्षों की संख्या, फर्नीचर की स्थिति, अलमारियों की उपलब्धता का ब्योरा मांगा गया है। 20 सितंबर तक विद्यालयों को केंद्र संबंधी सूचनाएं ऑनलाइन करनी है। इसके बाद इन सूचनाओं का सत्यापन भी कराया जाएगा। डीआईओएस अरिवंद कुमार द्विवेदी ने बताया कि कालेजों से प्राप्त सूचनाओं का स्थलीय सत्यापन भी कराया जाएगा। इसके बाद परिषद को रिपोर्ट भेजी जाएगी।
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नकलविहीन परीक्षा कराने को लेकर माध्यमिक शिक्षा परिषद लगातार शिकंजा कसता जा रहा है। प्रदेश में भाजपा सरकार आते ही पहली बार प्रत्येक कक्ष में एक कैमरा लगाकर परीक्षा कराई गई थी। इसके बाद वर्ष 2018-19 की परीक्षा में प्रत्येक कक्ष में दो कैमरे और एक वाइस रिकार्डर लगाकर परीक्षा कराई गई। अब हर केंद्र में इंटरनेट कनेक्शन और अन्य उपकरण की उपलब्धता के बारे में जानकारी मांगी गई है।
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केंद्र बनाने में इंटरनेट कनेक्शन वाले कालेजों को प्राथमिकता दी जाएगी। केंद्र निर्धारण की सूचनाओं में चाहरदीवारी अग्निशमन यंत्र, बिजली कनेक्शन, जनरेटर, शौचालय, प्रश्नपत्रों के रखरखाव के लिए अलमारी, कक्षों की संख्या, फर्नीचर की स्थिति, अलमारियों की उपलब्धता का ब्योरा मांगा गया है। 20 सितंबर तक विद्यालयों को केंद्र संबंधी सूचनाएं ऑनलाइन करनी है। इसके बाद इन सूचनाओं का सत्यापन भी कराया जाएगा। डीआईओएस अरिवंद कुमार द्विवेदी ने बताया कि कालेजों से प्राप्त सूचनाओं का स्थलीय सत्यापन भी कराया जाएगा। इसके बाद परिषद को रिपोर्ट भेजी जाएगी।
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