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Kanpur Dehat : हिंदी की किताब नहीं पढ़ पाए कक्षा तीन के छात्र, डीएम ने जताई नाराजगी
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विद्यालय में छात्रा के किताब न पढ़ पाने पर नाराजगी जतातीं डीएम। संवाद
- फोटो : AKBARPUR
कानपुर देहात। परिषदीय विद्यालयों में शिक्षा की हकीकत जांचने निकलीं डीएम के सामने नागिन जसी विद्यालय में कक्षा तीन के बच्चे किताब नहीं पढ़ सकें। इस पर डीएम ने शिक्षिका से नाराजगी जताई।
कहा कि आप क्लास में दो अच्छे बच्चे नहीं निकाल पा रही हैं। आपकी शारीरिक भाषा और रवैये से लग रहा है पढ़ाने में रुचि नहीं है। बीएसए को निर्देश दिए कि शिक्षकों की जिम्मेदारी तय कर आवश्यक कार्यवाही करें।
डीएम नेहा जैन ने मंगलवार को अकबरपुर ब्लॉक के माती किशनपुर प्राथमिक व जूनियर और प्राथमिक विद्यालय नागिन जसी का निरीक्षण किया। नागिन जसी विद्यालय में 1956 के निर्मित निष्प्रयोज्य भवन के निस्तारण के निर्देश दिए।
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सीएफओ को फोन पर गोद लिए नागिन जसी विद्यालय में शिक्षण की गुणवत्ता व अन्य गतिविधियों पर गहरी नजर रखने को कहा। यहां भवन जर्जर मिला। कक्षा तीन में केवल एक छात्रा नैना को छोड़ अन्य किताब नहीं पढ़ सके।
इस पर डीएम ने कड़ी नाराजगी जताई और बीएसए रिद्धी पांडेय को शिक्षकों की जिम्मेदारी तय करने को कहा। सहायक अध्यापक विनीता संखवार को शिक्षण कार्य में रुचि नहीं रखने और कर्तव्यों का पालन ठीक से न करने पर कड़ी फटकार लगाई। डीएम ने बच्चों को बुलाकर राजा व तोता नाटक का अभियान कराया।
वहीं, माती किशुनपुर प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालय के निरीक्षण में शिक्षिका नीलम सिंह उपस्थित मिली। उन्होंने डीएम को बताया कि 79 छात्र-छात्राएं पंजीकृत है। विद्यालय में पांच शिक्षक कार्यरत हैं।
इसमें एक शिक्षक बीआरसी में ट्रेनिंग पर हैं। एक शिक्षक मेडिकल व एक मातृत्व अवकाश पर हैं। कम छात्र उपस्थिति पर डीएम ने नाराजगी जताई। किसी जिला स्तरीय अधिकारी की ओर से विद्यालय को गोद नहीं लेने की जानकारी पर बीएसए को शीघ्र अधिकारी नामित करने के निर्देश दिए।
कायाकल्प के अंतर्गत विद्यालय में कोई कार्य नहीं मिलने पर ईओ को माती किशुनपुर विद्यालय में कायाकल्प से कार्य कराने को कहा। यहां साफ सफाई की स्थिति अच्छी नहीं मिली। यहां बच्चों की शैक्षिक गुणवत्ता संतोष जनक मिली। उन्होंने कक्षा सात व आठ के छात्र छात्राओं को किताबें वितरित की।
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कहा कि आप क्लास में दो अच्छे बच्चे नहीं निकाल पा रही हैं। आपकी शारीरिक भाषा और रवैये से लग रहा है पढ़ाने में रुचि नहीं है। बीएसए को निर्देश दिए कि शिक्षकों की जिम्मेदारी तय कर आवश्यक कार्यवाही करें।
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डीएम नेहा जैन ने मंगलवार को अकबरपुर ब्लॉक के माती किशनपुर प्राथमिक व जूनियर और प्राथमिक विद्यालय नागिन जसी का निरीक्षण किया। नागिन जसी विद्यालय में 1956 के निर्मित निष्प्रयोज्य भवन के निस्तारण के निर्देश दिए।
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सीएफओ को फोन पर गोद लिए नागिन जसी विद्यालय में शिक्षण की गुणवत्ता व अन्य गतिविधियों पर गहरी नजर रखने को कहा। यहां भवन जर्जर मिला। कक्षा तीन में केवल एक छात्रा नैना को छोड़ अन्य किताब नहीं पढ़ सके।
इस पर डीएम ने कड़ी नाराजगी जताई और बीएसए रिद्धी पांडेय को शिक्षकों की जिम्मेदारी तय करने को कहा। सहायक अध्यापक विनीता संखवार को शिक्षण कार्य में रुचि नहीं रखने और कर्तव्यों का पालन ठीक से न करने पर कड़ी फटकार लगाई। डीएम ने बच्चों को बुलाकर राजा व तोता नाटक का अभियान कराया।
वहीं, माती किशुनपुर प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालय के निरीक्षण में शिक्षिका नीलम सिंह उपस्थित मिली। उन्होंने डीएम को बताया कि 79 छात्र-छात्राएं पंजीकृत है। विद्यालय में पांच शिक्षक कार्यरत हैं।
इसमें एक शिक्षक बीआरसी में ट्रेनिंग पर हैं। एक शिक्षक मेडिकल व एक मातृत्व अवकाश पर हैं। कम छात्र उपस्थिति पर डीएम ने नाराजगी जताई। किसी जिला स्तरीय अधिकारी की ओर से विद्यालय को गोद नहीं लेने की जानकारी पर बीएसए को शीघ्र अधिकारी नामित करने के निर्देश दिए।
कायाकल्प के अंतर्गत विद्यालय में कोई कार्य नहीं मिलने पर ईओ को माती किशुनपुर विद्यालय में कायाकल्प से कार्य कराने को कहा। यहां साफ सफाई की स्थिति अच्छी नहीं मिली। यहां बच्चों की शैक्षिक गुणवत्ता संतोष जनक मिली। उन्होंने कक्षा सात व आठ के छात्र छात्राओं को किताबें वितरित की।