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कानपुर देहात : कैबिनेट मंत्री ने राकेश सचान ने कहा, मुक्ता देवा घाट के लिए सरकार को भेजेंगे प्रस्ताव
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बदहाल मुक्ता देवी घाट। संवाद
- फोटो : PUKHRAYAN
मूसानगर। यमुना नदी के किनारे मुक्ता देवी के नाम से बना स्नान घाट बाढ़ आने के कारण पानी के बहाव में उखड़ चुका है। यहां पर पानी का घुमाव भी है। इससे स्नान के दौरान अक्सर लोग यहां डूब जाते हैं। शुक्रवार को इसी घाट पर मामा-भांजे की डूबकर मौत हो गई थी।
घटना पर दुख जताते हुए कैबिनेट मंत्री राकेश सचान ने अधिकारियों से एहतियात के कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही नए घाट के निर्माण के लिए भारत सरकार को प्रस्ताव भेजने की बात कही है।
मूसानगर निवासी अनूप कुमार, शिवशंकर, मोहन, राधेलाल, विनोद कुमार पाल, राजेश कश्यप, विजय सिंह राजावत ने बताया कि माता मुक्तेश्वरी देवी के दर्शन करने आने वाले भक्त पहले यमुना नदी की रेती में आधा किलोमीटर पैदल चलकर स्नान करने जाते थे।
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कुछ समय बाद यहां पक्का घाट बनवा दिया गया। बाढ़ के पानी के तेज बहाव के कारण धीरे-धीरे घाट उखड़ गया। यहीं पर पानी का घुमाव भी है। इससे नहाते समय कई बार लोग डूब चुके हैं। इसके बावजूद प्रशासन की ओर से भी कोई सुरक्षा के उपाय नहीं किए गए।
वहीं, शुक्रवार को हुई दुर्घटना पर कैबिनेट मंत्री राकेश सचान ने दुख जताया है। उन्होंने कहा कि नदी किनारे के घाटों का निर्माण भारत सरकार की योजना नमामि गंगे प्रोजेक्ट से किया जा रहा है।
मुक्ता देवी मंदिर स्थित यमुना नदी के जर्जर घाट की जगह नए घाट के निर्माण के लिए प्रस्ताव बनाकर सरकार के माध्यम से भारत सरकार को भेजा जाएगा। फिलहाल अधिकारियों को सुरक्षा के उपाय करने के निर्देश दिए गए हैं। घाट के पास तत्काल सतर्कता बोर्ड लगवाने के लिए डीएम को कहा है।
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घटना पर दुख जताते हुए कैबिनेट मंत्री राकेश सचान ने अधिकारियों से एहतियात के कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही नए घाट के निर्माण के लिए भारत सरकार को प्रस्ताव भेजने की बात कही है।
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मूसानगर निवासी अनूप कुमार, शिवशंकर, मोहन, राधेलाल, विनोद कुमार पाल, राजेश कश्यप, विजय सिंह राजावत ने बताया कि माता मुक्तेश्वरी देवी के दर्शन करने आने वाले भक्त पहले यमुना नदी की रेती में आधा किलोमीटर पैदल चलकर स्नान करने जाते थे।
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कुछ समय बाद यहां पक्का घाट बनवा दिया गया। बाढ़ के पानी के तेज बहाव के कारण धीरे-धीरे घाट उखड़ गया। यहीं पर पानी का घुमाव भी है। इससे नहाते समय कई बार लोग डूब चुके हैं। इसके बावजूद प्रशासन की ओर से भी कोई सुरक्षा के उपाय नहीं किए गए।
वहीं, शुक्रवार को हुई दुर्घटना पर कैबिनेट मंत्री राकेश सचान ने दुख जताया है। उन्होंने कहा कि नदी किनारे के घाटों का निर्माण भारत सरकार की योजना नमामि गंगे प्रोजेक्ट से किया जा रहा है।
मुक्ता देवी मंदिर स्थित यमुना नदी के जर्जर घाट की जगह नए घाट के निर्माण के लिए प्रस्ताव बनाकर सरकार के माध्यम से भारत सरकार को भेजा जाएगा। फिलहाल अधिकारियों को सुरक्षा के उपाय करने के निर्देश दिए गए हैं। घाट के पास तत्काल सतर्कता बोर्ड लगवाने के लिए डीएम को कहा है।