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कानपुर देहात : बेटियों के लिए प्रेरणा बनीं सहायक कमांडेंट डॉ. मोहिनी

Mon, 01 Nov 2021 12:24 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Mon, 01 Nov 2021 12:24 AM IST
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Kanpur Dehat : Assistant Commandant Dr. Mohini became an inspiration for daughters
डॉ.मोहिनी सिंह सहायक सेनानी, चिकित्साधिकारी। (संवाद) - फोटो : AKBARPUR
कानपुर देहात। कानपुर देहात के डुडौली निवासी भारत तिब्बत सीमा पुलिस बल में तैनात सहायक कमांडेंट डॉ. मोहिनी सिंह ने यह साबित कर दिखाया है कि बेटियां किसी से कम नहीं है। वह भी पुरुषों के कंधे से कंधा मिलाकर चल सकती हैं। हौसलों के पंख से खुले आसमान में उड़ान भर सकती हैं। पासिंग आउट परेड के बाद उन्हें बधाइयां मिल रही हैं।
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डेरापुर तहसील के डुडौली गांव के मूल निवासी भारत तिब्बत सीमा पुलिस बल में तैनात डिप्टी कमांडेंट डॉ. प्रमेंद्र की पत्नी डॉ. मोहिनी सिंह बेटियों के लिए नजीर बनी हैं। उत्तराखंड की मसूरी अकादमी में ट्रेनिंग पूरी कर पासिंग आउट परेड में वह शामिल हुई तो परिजनों का सीना गर्व से चौड़ा हो गया।
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बरेली निवासी पूर्व अपर निदेशक डॉ. तारा सिंह व डॉ. नीलम रानी की पुत्री डॉ. मोहिनी सिंह बचपन से ही पढ़ाई में मेधावी रहीं। उन्होंने ने 2010-15 में बरेली मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस किया। इसके बाद वह वर्ष 2016-17 में केंद्रीय पुलिस सेवा में सहायक कमांडेंट/चिकित्साधिकारी पद पर चयनित हुई। उन्हें 29 वाहनी बरेली में तैनाती मिली।
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वर्ष 2017 में ही उनका विवाह डॉ. प्रमेंद्र सिंह से हो गया। हालांकि किन्हीं कारणों से उनकी ट्रेनिंग पूरी नहीं हो सकी। बाद में कोरोना की वजह से ट्रेनिंग प्रभावित रही। 16 अक्तूबर 2021 को उत्तराखंड की मसूरी अकादमी से डॉ. मोहिनी सिंह की 24 माह की कठिन ट्रेनिंग सफलता पूर्वक पूरी हुई। पासिंग आउट परेड समारोह में उनके माता पिता, पति व ससुर आरबी सिंह भी मौजूद रहे।
पुलिस सेवा से सेवानिवृत्त आरबी सिंह कहते हैं कि बहू डॉ. मोहिनी सिंह ने बेटी होकर भी देश सेवा के लिए भारत तिब्बत सीमा पुलिस को चुना यह उनके लिए गर्व की बात है। पासिंग आउट परेड पूरी कर बहू देश के 38 जाबाजों में शामिल हो गई है। यह बड़े गौरव की बात है। यहां मौजूद आईटीबीपी के महानिदेशक संजय अरोड़ा ने डॉ. मोहिनी सिंह की लगन की सराहना की।
ट्रेनिंग पूरी करने के बाद अब डॉ. मोहिनी सिंह को लेह सीमा पर अग्रणी चौकी पर भेजा गया है। वह सफलता का श्रेय परिजनों व पति को देती हैं। डॉ. मोहिनी सिंह कहती हैं कि पति की हौसला आफजाई से वह कठिन ट्रेनिंग को सफलता पूर्वक पूरा कर सकीं।

बता दें कि उनके पति डुडौली निवासी डॉ. प्रमेंद्र सिंह भी एमबीबीएस करने के बाद भारत तिब्बत सीमा पुलिस में वर्ष 2014 में चयनित होकर अब बस्तर के नक्सल प्रभावित क्षेत्र में बतौर डिप्टी कमांडेंट तैनात हैं।
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