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कानपुर देहात : नाबालिग पर मिनी गुंडा एक्ट लगाने में एडीजी ने तलब की रिपोर्ट
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कानपुर देहात। राजपुर के एक गांव में शोहदे की हरकतों से तंग आकर जहर खाकर जान देने की कोशिश करने वाली छात्रा के नाबालिग भाई पर मिनी गुंडाएक्ट की कार्रवाई करके एसओ फंसते नजर आ रहे हैं।
अमर उजाला ने इसका खुलासा किया तो लोगों ने इसे ट्वीट कर पुलिस को घेरा। मामले में एडीजी ने एसपी से रिपोर्ट तलब की है। फिलहाल सीओ सिकंदरा को जांच सौंपने पर भी परिजनों ने आपत्ति जताई है।
एक गांव में दो अप्रैल को शोहदे की हरकतों से तंग आकर छात्रा ने जहर खा लिया था। हैलट में उसका उपचार चल रहा है। मामले में परिजन आरोप लगा रहे हैं कि छह माह पहले छात्रा से छेड़छाड़ की रिपोर्ट में आरोपी से समझौता करने के लिए एसओ कपिल दुबे दबाव बना रहे हैं।
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बात न मानने पर 26 जनवरी को छात्रा के नाबालिग भाई (हाईस्कूल के छात्र) पर मिनी गुंडाएक्ट 110 जी की कार्रवाई की थी। एसडीएम कोर्ट में मामले की सुनवाई चल रही है। वहां भी उसके नाबालिग होने की अनदेखी की गई है।
गुरुवार को खबर प्रकाशित होने के बाद लोगों ने इसे एडीजी, आईजी व यूपी पुलिस को ट्वीट किया। इसके बाद हरकत में आए अफसरों ने जांच कराने की बात कही। एडीजी भानू भास्कर ने मामले में एसपी से रिपोर्ट मांगी है।
इधर एसपी ने सीओ सिकंदरा रविकांत गौड़ को जांच सौंपी दी। इस पर भी पीड़ित छात्रा के माता पिता को आपत्ति है। उन्होंने कहा कि जो सीओ इस मामले में पहले से ही लीपापोती कर रहे हैं उनसे निष्पक्ष जांच की उम्मीद कैसे की जा सकती है।
परिजनों ने किसी अन्य सर्किल के सीओ से जांच कराने की बात कही है। अब एसओ कपिल दुबे मामले में बुरी तरह से घिर गए हैं। सोशल मीडिया पर भी उन्हें लोगों की तीखी प्रतिक्रिया झेलनी पड़ रही है। साथ उनकी तरफ से की गई कार्रवाई से पुलिस महकमे को भी घेरने की कोशिश की जा रही है।
110 जी की कोई बड़ी कार्रवाई नहीं है। नाबालिग पर हत्या जैसे मामले भी दर्ज होते हैं। एसओ की भूमिका की जांच कराई जा रही है। अगर कोई गड़बड़ी पाई गई तो निश्चित तौर पर कार्रवाई होगी। - स्वप्रिल ममगाई, एसपी
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अमर उजाला ने इसका खुलासा किया तो लोगों ने इसे ट्वीट कर पुलिस को घेरा। मामले में एडीजी ने एसपी से रिपोर्ट तलब की है। फिलहाल सीओ सिकंदरा को जांच सौंपने पर भी परिजनों ने आपत्ति जताई है।
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एक गांव में दो अप्रैल को शोहदे की हरकतों से तंग आकर छात्रा ने जहर खा लिया था। हैलट में उसका उपचार चल रहा है। मामले में परिजन आरोप लगा रहे हैं कि छह माह पहले छात्रा से छेड़छाड़ की रिपोर्ट में आरोपी से समझौता करने के लिए एसओ कपिल दुबे दबाव बना रहे हैं।
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बात न मानने पर 26 जनवरी को छात्रा के नाबालिग भाई (हाईस्कूल के छात्र) पर मिनी गुंडाएक्ट 110 जी की कार्रवाई की थी। एसडीएम कोर्ट में मामले की सुनवाई चल रही है। वहां भी उसके नाबालिग होने की अनदेखी की गई है।
गुरुवार को खबर प्रकाशित होने के बाद लोगों ने इसे एडीजी, आईजी व यूपी पुलिस को ट्वीट किया। इसके बाद हरकत में आए अफसरों ने जांच कराने की बात कही। एडीजी भानू भास्कर ने मामले में एसपी से रिपोर्ट मांगी है।
इधर एसपी ने सीओ सिकंदरा रविकांत गौड़ को जांच सौंपी दी। इस पर भी पीड़ित छात्रा के माता पिता को आपत्ति है। उन्होंने कहा कि जो सीओ इस मामले में पहले से ही लीपापोती कर रहे हैं उनसे निष्पक्ष जांच की उम्मीद कैसे की जा सकती है।
परिजनों ने किसी अन्य सर्किल के सीओ से जांच कराने की बात कही है। अब एसओ कपिल दुबे मामले में बुरी तरह से घिर गए हैं। सोशल मीडिया पर भी उन्हें लोगों की तीखी प्रतिक्रिया झेलनी पड़ रही है। साथ उनकी तरफ से की गई कार्रवाई से पुलिस महकमे को भी घेरने की कोशिश की जा रही है।
110 जी की कोई बड़ी कार्रवाई नहीं है। नाबालिग पर हत्या जैसे मामले भी दर्ज होते हैं। एसओ की भूमिका की जांच कराई जा रही है। अगर कोई गड़बड़ी पाई गई तो निश्चित तौर पर कार्रवाई होगी। - स्वप्रिल ममगाई, एसपी