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शर्मनाक: महिला को डिस्चार्ज करने के नाम पर मांगे दो लाख, पति व बेटे की इसी अस्पताल में हो चुकी मौत
Wed, 28 Apr 2021 10:58 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर देहात
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर देहात
Published by: शिखा पांडेय
Updated Wed, 28 Apr 2021 10:58 PM IST
सार
रुपये की जिद पर अड़े अस्पताल प्रबंधन के प्रति नाराजगी जता परिजनों ने हंगामा किया। अस्पताल पर कार्रवाई के लिए अकबरपुर कोतवाली पुलिस को तहरीर दी है।
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पीड़िता सरोज
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
कानपुर देहात में अकबरपुर के माती रोड स्थित एक निजी हास्पिटल में बुधवार को बुखार पीड़ित महिला को डिस्चार्ज कराने गए परिजनों से अस्पताल प्रबंधन ने दो लाख रुपये मांगे। महिला छह दिन भर्ती रही है। महिला के साथ उसके पति व बेटे को भी भर्ती कराया गया था।
इकलौते बेटे व पति की अस्पताल में मौत हो चुकी है। इसके बाद भी रुपये की जिद पर अड़े अस्पताल प्रबंधन के प्रति नाराजगी जता परिजनों ने हंगामा किया। अस्पताल पर कार्रवाई के लिए अकबरपुर कोतवाली पुलिस को तहरीर दी है।
जनवारा घाटमपुर के दिनेश सिंह ने पुलिस को बताया कि 22 अप्रैल को समधिन सरोज कुमारी को बुखार आने पर अकबरपुर के निजी हास्पिटल में भर्ती कराया। समधिन के साथ उनके बेटे यानी अपने दामाद धर्मवीर को भी 23 अप्रैल को भर्ती कराया। 24 को समधी पुत्तन सिंह की बुखार से हालत बिगड़ी तो उन्हें इसी अस्पताल में भर्ती करा दिया। 25 अप्रैल को समधी की मौत हो गई। 26 अप्रैल को दामाद धर्मवीर ने भी दम तोड़ दिया।
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इकलौते बेटे व पति की अस्पताल में मौत हो चुकी है। इसके बाद भी रुपये की जिद पर अड़े अस्पताल प्रबंधन के प्रति नाराजगी जता परिजनों ने हंगामा किया। अस्पताल पर कार्रवाई के लिए अकबरपुर कोतवाली पुलिस को तहरीर दी है।
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जनवारा घाटमपुर के दिनेश सिंह ने पुलिस को बताया कि 22 अप्रैल को समधिन सरोज कुमारी को बुखार आने पर अकबरपुर के निजी हास्पिटल में भर्ती कराया। समधिन के साथ उनके बेटे यानी अपने दामाद धर्मवीर को भी 23 अप्रैल को भर्ती कराया। 24 को समधी पुत्तन सिंह की बुखार से हालत बिगड़ी तो उन्हें इसी अस्पताल में भर्ती करा दिया। 25 अप्रैल को समधी की मौत हो गई। 26 अप्रैल को दामाद धर्मवीर ने भी दम तोड़ दिया।
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समधिन सरोज की हालत में कोई सुधार नहीं है। आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन ने उसे एक कमरे में अलग डाल दिया है। इलाज नहीं कर रहे हैं। अस्पताल प्रबंधन एक लाख 36 हजार चार सौ रुपये नकद जमा करा चुका है। अस्पताल से डेढ़ लाख रुपये की दवा दी जा चुकी है।
समधिन को आराम न मिलने पर डिस्चार्ज कराने के लिए कहा तो अस्पताल प्रबंधन ने दो लाख रुपये की और मांग की। दो लाख रुपये मिलने के बाद ही डिस्चार्ज की जिद पर अड़े अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ परिजनों ने अस्पताल के बाहर हंगामा शुरू कर दिया।
शिकायत एसपी केशव कुमार चौधरी से की। उन्होंने इंस्पेक्टर अकबरपुर व कस्बा चौकी इंचार्ज को भेजा। इंस्पेक्टर तुलसीराम पांडेय ने बताया कि तहरीर मिली है। अस्पताल प्रबंधन से इलाज के पूरे कागजात मांगे गए हैं। परिजनों को समझा कर शांत कराया गया है।
मामले में छानबीन के बाद कार्रवाई होगी। उधर, निजी अस्पताल के डॉ. प्रशांत राजावत का कहना है कि एक मरीज की मौत अस्पताल में हुई है। दूसरे की मौत कानपुर में हुई है। परिजन गलत आरोप लगा रहे हैं।
समधिन को आराम न मिलने पर डिस्चार्ज कराने के लिए कहा तो अस्पताल प्रबंधन ने दो लाख रुपये की और मांग की। दो लाख रुपये मिलने के बाद ही डिस्चार्ज की जिद पर अड़े अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ परिजनों ने अस्पताल के बाहर हंगामा शुरू कर दिया।
शिकायत एसपी केशव कुमार चौधरी से की। उन्होंने इंस्पेक्टर अकबरपुर व कस्बा चौकी इंचार्ज को भेजा। इंस्पेक्टर तुलसीराम पांडेय ने बताया कि तहरीर मिली है। अस्पताल प्रबंधन से इलाज के पूरे कागजात मांगे गए हैं। परिजनों को समझा कर शांत कराया गया है।
मामले में छानबीन के बाद कार्रवाई होगी। उधर, निजी अस्पताल के डॉ. प्रशांत राजावत का कहना है कि एक मरीज की मौत अस्पताल में हुई है। दूसरे की मौत कानपुर में हुई है। परिजन गलत आरोप लगा रहे हैं।