{"_id":"6a7c45f7ad2c57b6ec03d862","slug":"kanpur-construction-of-diagnostic-hub-at-hallet-has-stalled-work-stuck-for-three-months-due-to-lack-of-funds-2026-08-12","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Kanpur: हैलट में डायग्नोस्टिक हब का निर्माण ठप, बजट के अभाव में तीन महीने से अटका काम, सितंबर में है डेडलाइन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kanpur: हैलट में डायग्नोस्टिक हब का निर्माण ठप, बजट के अभाव में तीन महीने से अटका काम, सितंबर में है डेडलाइन
Wed, 12 Aug 2026 03:37 PM IST
Himanshu Awasthi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: Himanshu Awasthi
Updated Wed, 12 Aug 2026 03:37 PM IST
सार
Kanpur News: हैलट अस्पताल परिसर में इमरजेंसी के सामने बन रहे डायग्नोस्टिक हब का निर्माण कार्य पिछले तीन महीने से पूरी तरह ठप पड़ा है। यूपीपीसीएल द्वारा दूसरी किस्त जारी न किए जाने और बजट के अभाव में ठेकेदार ने काम रोककर मिस्त्री और मजदूरों को भी हटा दिया है, जबकि इसकी समय सीमा आगामी सितंबर निर्धारित है।
विज्ञापन
हैलट अस्पताल में डायग्नोस्टिक हब का निर्माण ठप
- फोटो : amar ujala
विस्तार
कानपुर के हैलट अस्पताल परिसर में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई एक महत्वपूर्ण परियोजना आर्थिक संकट और प्रशासनिक लापरवाही की भेंट चढ़ती नजर आ रही है। इमरजेंसी के सामने बन रहे आधुनिक डायग्नोस्टिक हब का निर्माण कार्य पिछले तीन महीने से पूरी तरह ठप पड़ा है, जिससे समय पर इसके पूरा होने पर संशय के बादल मंडराने लगे हैं।
विज्ञापन
अस्पताल परिसर में इस महत्वाकांक्षी डायग्नोस्टिक हब का निर्माण कार्य पिछले साल दिसंबर में शुरू किया गया था। इस प्रोजेक्ट को तय समय सीमा यानी आगामी सितंबर माह तक पूरा कर जनता को समर्पित किया जाना था। यह पूरा निर्माण कार्य 7.22 करोड़ रुपये की लागत से उत्तर प्रदेश प्रोजेक्ट्स कारपोरेशन लिमिटेड के सीएसआर फंड के जरिए कराया जा रहा है।
विज्ञापन
Trending Videos
निर्माण स्थल पर पसरा हुआ है सन्नाटा
आरोप है कि यूपीपीसीएल की ओर से अब तक कुल बजट में से मात्र 1.22 करोड़ रुपये का ही भुगतान किया गया है। निर्माण एजेंसी या ठेकेदार को आगे की किस्त न मिलने की वजह से काम ठप करना पड़ा है। बजट का भुगतान न होने के कारण ठेकेदार ने आर्थिक तंगी का हवाला देते हुए साइट पर काम कर रहे मिस्त्री और लेबर को भी हटा दिया है। निर्माण स्थल पर पिछले तीन महीने से सन्नाटा पसरा हुआ है।